देश की खबरें | कोविड टीके और अचानक हृदयाघात के बीच कोई संबंध नहीं : एम्स-दिल्ली के अध्ययन में दावा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के सहयोग से एम्स-दिल्ली द्वारा किए गए एक अध्ययन में दावा किया गया है कि युवा व्यक्तियों में कोविड-19 टीकाकरण और अचानक हृदयाघात के बीच कोई संबंध नहीं है।
नयी दिल्ली, तीन जुलाई भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के सहयोग से एम्स-दिल्ली द्वारा किए गए एक अध्ययन में दावा किया गया है कि युवा व्यक्तियों में कोविड-19 टीकाकरण और अचानक हृदयाघात के बीच कोई संबंध नहीं है।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में एक संवाददाता सम्मेलन में चिकित्सकों की एक समिति ने कहा कि चल रहे अध्ययन में अब तक अचानक मृत्यु के 300 मामलों की जांच की गई है, विशेष रूप से 40 वर्ष से कम आयु के लोगों में। यद्यपि उन सभी को कोविड-19 टीके की खुराक दी गई थी, लेकिन प्रारंभिक निष्कर्षों से पता चलता है कि हृदयाघात के पीछे अन्य स्वास्थ्य और जीवनशैली से संबंधित कारण अधिक प्रमुख थे।
एम्स-दिल्ली के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. एस नारंग ने कहा, “इस बात के कोई निर्णायक सबूत नहीं हैं कि कोविड-19 टीके अचानक हृदय गति रुकने का कारण बन रहे हैं। वास्तव में, टीके संक्रमण की गंभीरता और संबंधित जटिलताओं को कम करके अधिक फायदेमंद साबित हुए हैं।”
अध्ययन में पाया गया कि विश्लेषित मामलों में अचानक मृत्यु का सबसे आम कारण हृदयाघात था, जो अक्सर जीवनशैली संबंधी मुद्दों जैसे धूम्रपान, रक्त का थक्का, शराब का सेवन और धमनी अवरोध से जुड़ा होता है।
उन्होंने कहा, “अध्ययन में शामिल लगभग 50 प्रतिशत व्यक्तियों का शराब पीने और धूम्रपान करने का इतिहास पाया गया।”
हृदय रोग विशेषज्ञ ने बताया कि दूसरा सबसे आम कारण “नकारात्मक शव परीक्षण” के रूप में वर्गीकृत किया गया है - ऐसे मामले जहां पोस्टमार्टम जांच के दौरान कोई स्पष्ट लक्षण या असामान्यताएं नहीं पाई गईं।
एम्स-दिल्ली के पैथोलॉजिस्ट डॉ. सुधीर ने कहा, “वृद्ध व्यक्ति जहां अक्सर धमनी रुकावट के कारण हृदयाघात से पीड़ित होते हैं, युवा लोगों में अचानक मृत्यु आनुवांशिक हृदय स्थितियों, अत्यधिक शराब पीने, नशीली दवाओं के उपयोग या कोविड के बाद अत्यधिक व्यायाम से भी जुड़ी हो सकती है।”
कुछ मौतें जीवनशैली से प्रेरित हृदय संबंधी स्थितियों के कारण भी हुईं, जैसे हृदय की मांसपेशियों में वसा का जमाव, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, उच्च कोलेस्ट्रॉल स्तर, मनोसामाजिक तनाव और पेट का मोटापा।
उन्होंने इन जोखिमों को कम करने के लिए नियमित व्यायाम और फलों और सब्जियों वाला भरपूर आहार लेने की सलाह दी।
समिति ने यह भी कहा कि कोविड-19 संक्रमण के कारण होने वाले रक्त के थक्के हृदय स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा जोखिम पैदा कर सकते हैं। हेमटोलॉजी विभाग ने संकेत दिया कि कोविड के बाद के कुछ मामलों में इस तरह के थक्के विशेष रूप से खतरनाक रहे हैं।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 03, 2025 06:26 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

