ताजा खबरें | पिछले छह वर्षों में ऊपरी गंगा क्षेत्र में किसी भी नयी जल विद्युत परियोजना को मंजूरी नहीं: जावड़ेकर

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने सोमवार को कहा कि पिछल छह सालों में सरकार ने ऊपरी गंगा क्षेत्र में एक भी नयी जल विद्युत परियोजना को मंजूरी नहीं दी है।

नयी दिल्ली, 15 मार्च केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने सोमवार को कहा कि पिछल छह सालों में सरकार ने ऊपरी गंगा क्षेत्र में एक भी नयी जल विद्युत परियोजना को मंजूरी नहीं दी है।

राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए जावड़ेकर ने कहा कि पर्यावरण, जल शक्ति और ऊर्जा मंत्रालयों ने संयुक्त रूप से फैसला किया है कि इस क्षेत्र में किसी भी नयी जल विद्युत परियोजलना को मंजूरी नहीं दी जाएगी।

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि देश के अन्य हिस्सों में जल विद्युत परियोजनाओं की आवश्यकता है क्योंकि यह एक स्वच्छ ऊर्जा है।

उन्होंने सदन को बताया, ‘‘पिछले छह सालों में ऐसी किसी भी परियोजना को मंजूरी नहीं दी गई है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘कुल मिलाकर 19 परियोजनाएं पहले से ही क्रियांवित हैं और सात निर्माणाधीन हैं। सात में से दो परियोजनाएं 25 मेगावाट से कम उत्पादन क्षमता वाली हैं जबकि छह परियोजनाएं नदियों पर आधारित हैं।’’

एक सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि चमोली आपदा ग्लेशियर के फटने की वजह से हुई थी ना कि जल विद्युत परियोजना की वजह से। ज्ञात हो कि चमोली हादसे में कई लोगों की जान चली गई थी।

उन्होंने कहा, ‘‘हमें यह समझना चाहिए कि चमोली हादसा ग्लेशियर के नीचे गिरने से हुई थी। ग्लेशियर के पिघलने से बाढ़ की स्थिति आई ना कि ऊर्जा संयत्र की वजह से। इस मामले की जांच फिल्हाल चल रही है।’’

जावड़ेकर ने बताया कि कुल 37,000 ग्लेशियर हैं और उनमें से कुछ छोटा हो रहा है तो कुछ बड़ा।

ब्रजेन्द्र

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