देश की खबरें | कोविड-19 के पुन: संक्रमण के मामलों पर चिंता करने की जरूरत नहीं: वैज्ञानिक

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कोरोना वायरस से पीड़ित रह चुके व्यक्ति को दोबारा यह संक्रमण होने का पहला मामला इस हफ्ते हांगकांग से आया जिसके बाद बेल्जियम तथा नीदरलैंड से भी एक-एक इस तरह के मामले सामने आए। हालांकि वैज्ञानिकों का कहना है घबराने की जरूरत नहीं है।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 27 अगस्त कोरोना वायरस से पीड़ित रह चुके व्यक्ति को दोबारा यह संक्रमण होने का पहला मामला इस हफ्ते हांगकांग से आया जिसके बाद बेल्जियम तथा नीदरलैंड से भी एक-एक इस तरह के मामले सामने आए। हालांकि वैज्ञानिकों का कहना है घबराने की जरूरत नहीं है।

कोविड-19 महामारी की रोकथाम के लिए सामूहिक रोग प्रतिरोधक क्षमता पर्याप्त नहीं होने संबंधी चिंताओं के बीच भारत और अन्य देशों के वैज्ञानिकों का कहना है कि और अधिक अध्ययनों की जरूरत है।

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बेल्जियम के विषाणु विज्ञानी मार्क वान रांस्ट ने इस सप्ताह सामने आये ऐसे तीन मामलों के संबंध में ‘पीटीआई’ से कहा कि कुछ मामलों से पुन: संक्रमण के व्यापक निष्कर्ष नहीं निकाले जा सकते।

हांगकांग में वैज्ञानिकों ने एक अध्ययन में कहा कि महामारी को सामूहिक प्रतिरोधक क्षमता से रोक पाना संभव नहीं होगा। सामूहिक प्रतिरक्षा क्षमता तब मानी जाती है जब किसी आबादी के एक बड़े हिस्से में बीमारी से उबरकर उसके खिलाफ रोग प्रतिरोधक शक्ति विकसित हो जाती है।

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प्रतिरक्षा विज्ञानी सत्यजीत रथ ने कहा कि रोगी विशेष के मामले का अध्ययन करके वायरस के खिलाफ प्रतिरक्षा प्रणाली पर निष्कर्ष नहीं निकाले जा सकते।

नयी दिल्ली स्थित राष्ट्रीय प्रतिरक्षा विज्ञान संस्थान में कार्यरत रथ ने कहा, ‘‘हमें ऐसे रोगियों में प्रतिरक्षा प्रणाली और पुन: संक्रमण के बारे में कुछ नहीं पता। खासतौर पर उस समय जब कि केवल तीन ऐसे पुष्ट मामले अब तक सामने आये हैं।’’

जम्मू के भारतीय समेकित चिकित्सा संस्थान (आईआईआईएम) के पूर्व निदेशक राम विश्वकर्मा ने बताया कि किसी रोगी विशेष के अध्ययन से पुन: संक्रमण पर व्याख्या के लिहाज से मानव की प्रतिरक्षा क्षमता एक जटिल विषय है।

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