देश की खबरें | कोविड-19 संबंधी जेल पाबंदियों पर याचिका पर सुनवाई की आवश्यकता नहीं : अदालत

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने कोविड-19 के दौरान जेल के हालात पर दिल्ली दंगों की दो आरोपियों की याचिका पर सुनवाई बृहस्पतिवार को बंद करते हुए कहा कि चूंकि महामारी संबंधी पाबंदियां अब लागू नहीं हैं तो मामले में कुछ बचा नहीं है।

नयी दिल्ली, नौ फरवरी दिल्ली उच्च न्यायालय ने कोविड-19 के दौरान जेल के हालात पर दिल्ली दंगों की दो आरोपियों की याचिका पर सुनवाई बृहस्पतिवार को बंद करते हुए कहा कि चूंकि महामारी संबंधी पाबंदियां अब लागू नहीं हैं तो मामले में कुछ बचा नहीं है।

याचिकाकर्ता नताशा नरवाल और देवांगना कलीता ने तिहाड़ जेल में अपनी न्यायिक हिरासत के दौरान 2021 में उच्च न्यायालय का रुख किया था और वर्चुअल मुलाकात, कम्प्यूटर संबंधी सुविधाओं, टेली-कॉलिंग तथा टीकाकरण संबंधी कई मुद्दे उठाए थे।

न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह ने कहा, ‘‘याचिका खुद ही खत्म हो गई है। बाकी चीजें जेल के नियमों के अनुसार चलेंगी। कोविड-19 खत्म हो गया है।’’

अदालत को यह भी बताया गया कि याचिका के लंबित रहने के दौरान याचिकाकर्ताओं को जमानत पर रिहा कर दिया गया।

इसने कहा, ‘‘कोविड-19 के कारण लगाई गईं पाबंदियां अब लागू न होने पर विचार करते हुए महामारी के दौरान की जेल की स्थितियों से जुड़ी रिट याचिका में कोई आदेश देने की आवश्यकता नहीं है।’’

गौरतलब है कि याचिकर्ताओं ने उन्हें तथा अन्य कैदियों को सप्ताह में एक बार आमने-सामने या वर्चुअल तरीके से परिचितों से मुलाकात करने तथा वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए मान्यता प्राप्त चिकित्सकों से इलाज कराने समेत अन्य सुविधाएं देने के लिए जेल प्राधिकारियों को निर्देश दिए जाने का अनुरोध किया था।

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