जरुरी जानकारी | मोबाइल टॉवर से स्वास्थ्य पर विपरीत असर का कोई प्रमाण नहीं, भारत में 10 गुना कड़े मानक: पोखरना

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. राजस्थान के दूरसंचार विभाग के लाईसेन्स सर्विस एरिया के उप-महानिदेशक सिद्वार्थ पोखरना ने कहा कि मोबाइल टॉवर से निकलने वाले ईएमएफ सिग्नल पर हुए गहन शोध से यह सिद्व हुआ है कि मोबाइल टॉवर से निकलने वाले विकिरण से स्वास्थ्य को कोई नुकसान नही पहुंचता है।

जयपुर, 23 सितंबर राजस्थान के दूरसंचार विभाग के लाईसेन्स सर्विस एरिया के उप-महानिदेशक सिद्वार्थ पोखरना ने कहा कि मोबाइल टॉवर से निकलने वाले ईएमएफ सिग्नल पर हुए गहन शोध से यह सिद्व हुआ है कि मोबाइल टॉवर से निकलने वाले विकिरण से स्वास्थ्य को कोई नुकसान नही पहुंचता है।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के प्रादेशिक लोक सम्पर्क ब्यूरो द्वारा "मोबाइल टॉवर - जरूरी व सुरक्षित" विषय पर बृहस्पतिवार को आयोजित एक वेबिनार को संबोंधित करते हुए पोखरना ने कहा कि मोबाइल का प्रयोग करने वाले लोगों की संख्या में लगातार वृद्वि हो रही है, इसलिए अच्छी कनेक्टिविटी के लिए मोबाइल टॉवर की संख्या बढानी भी आवश्यक होती है।

उन्होंने कहा कि मोबाइल टॉवर से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले विपरीत प्रभाव के बारे में प्रचलित धारणाओं और गलत सूचनाओं का निराकरण करने के लिए लोगों तक सही एवं आधिकारिक जानकारी पहुंचना जरूरी है।

दूरसंचार विभाग के निदेशक राकेश कुमार मीना ने वेबिनार के दौरान मोबाइल टॉवर से जुड़े सभी तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि दूरसंचार विभाग टॉवर से निकलने वाली विकिरण की लगातार निगरानी करता है और इस पर नियंत्रण का कार्य भी करता है।

उन्होने बताया कि फिलहाल राज्य में किसी भी मोबाइल टावर से निर्धारित मानक से अधिक विकिरण नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि ऐसा होने पर कड़े आर्थिक जुर्माने का प्रावधान है जो 20 लाख रुपये प्रति घंटा हो सकता है।

उन्होने बताया कि भारत में विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित मानक से भी 10 गुना अधिक कड़े मानक तय किये गये है, जिससे आमजन की विकिरणों के प्रति सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। इसके साथ ही मोबाइल टॉवर की लगातार जांच की जाती है।

उन्होने कहा कि लोगों को इस बारे में किसी भी भ्रम ओैर भय का शिकार नही होना चाहिये कि वे मोबाईल टॉवर से किसी भी प्रकार से प्रभावित हो सकते हैं। इसके साथ ही वैज्ञानिक एवं चिकित्सकीय दृष्टिकोण से ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है कि मोबाईल टॉवर से कोई नुकसान हुआ है।

वेबिनार को संबोधित करते हुये पत्र सूचना कार्यालय, जयपुर (रिज़न) की अपर महानिदेशक डॉ. प्रज्ञा पालीवाल गौड़ ने कहा कि आज मोबाइल फोन शिक्षा से लेकर आर्थिक गतिविधियों एवं आम जरूरत की सेवाओं के लिए आवश्यक बन गया है।

उन्होंने कहा कि आम लोगों तक यह जानकारी पहुंचाना आवश्यक है कि मोबाईल नेटवर्क टॉवर पूरी तरह सुरक्षित है और स्वास्थ्य पर इनका कोई विपरीत प्रभाव नहीं देखा गया है।

कुंज

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

Operation Heavenly Hind: NIA का बड़ा खुलासा, ‘ऑपरेशन हेवेनली हिंद’ के जरिए भारत में अराजकता फैलाने की थी साजिश, दिल्ली समेत कई इलाकों में धमाकों की थी तैयारी

LSG vs CSK, IPL 2026 59th Match Date And Time: कब और कितने बजे से खेला जाएगा लखनऊ सुपर जायंट्स बनाम चेन्नई सुपरकिंग्स के बीच रोमांचक मुकाबला? इस स्टेडियम में भिड़ेंगी दोनों टीमें, यहां जानें वेन्यू समेत मैच से जुड़ी सभी जानकारी

PBKS vs MI, IPL 2026 58th Match Scorecard: धर्मशाला स्टेडियम में पंजाब किंग्स ने मुंबई इंडियंस के सामने रखा 201 रनों का टारगेट, प्रभसिमरन सिंह ने खेली धमाकेदार पारी; यहां देखें पहली पारी का स्कोरकार्ड

LSG vs CSK, IPL 2026 59th Match Stats And Preview: टूर्नामेंट के 59वें मुकाबले में चेन्नई सुपरकिंग्स को हराकर सम्मान के साथ सीजन खत्म करना चाहेगी लखनऊ सुपर जायंट्स, मैच से पहले जानें स्टैट्स एंड प्रीव्यू