गैस रिसाव के इतने दिन बाद भी लोगों की परेशानियों का अंत नहीं
परिवार की दशा कुछ ऐसी है कि उन्हें मणिदीप के पिता गोविंद राजू की मौत की खबर तब मिली जब उनकी तस्वीर मीडिया में देखी और फिर वे शुक्रवार को अस्पताल भागे।
विशाखापत्तनम, 10 मई आंध्र प्रदेश में विशाखापत्तनम के पास आर आर वेंकेटपुरम गांव में एलजी पॉलिमर्स संयंत्र से स्टाइरीन गैस रिसाव की घटना में पांच साल के मणिदीप के पिता की मौत हो गई और मां का अस्पताल में इलाज चल रहा है। गैस के प्रभाव के कारण उसकी खुद की आंखे नहीं खुल पा रही हैं।
परिवार की दशा कुछ ऐसी है कि उन्हें मणिदीप के पिता गोविंद राजू की मौत की खबर तब मिली जब उनकी तस्वीर मीडिया में देखी और फिर वे शुक्रवार को अस्पताल भागे।
संयोग से राजू इस संयंत्र में दिहाड़ी मजदूर के तौर पर काम करते थे।
शनिवार को उसे एलवी प्रसाद नेत्र संस्थान ले कर गए थे, जहां विशेषज्ञों ने उसकी जांच की और वह कुछ क्षण के लिए ही आंखें खोल सका।
मणिदीप की एक रिश्तेदार ने बताया, " उसके पैर पर भी चोट लगी है। उसने आखिरकार अपनी आंखें खोलीं लेकिन वह चल नहीं पाया। हम उसे किसी तरह से ले गए और अंतिम संस्कार से पहले उसे उसके पिता की पार्थिव देह दिखाई। "
बच्चे की मां अस्पताल में भर्ती हैं और उन्हें गैस के रिसाव के कारण सांस लेने में परेशानी हो रही थी। हालांकि अब उनकी सेहत में सुधार हो रहा है।
इसी तरह की कहानी नौ वर्षीय ग्रीष्मा के परिवार की है।
हादसे में उसकी मौत हो गई जबकि उसके माता-पिता अस्पताल में बीमार पड़े हैं।
उसके एक रिश्तेदार ने बताया, " ग्रीष्मा की मौत बृहस्पतिवार को ही हो गई थी लेकिन आज तक हम उसकी मां को यह खबर नहीं सुना पाए। "
उन्होंने बताया, " पोस्टमार्टम के बाद आज सुबह परिवार को उसका शव दिया गया है और इसके बाद ही मां को इस त्रासदी के बारे में बता सके।"
ग्रीष्मा का भाई भी गैस के रिसाव से प्रभावित हुआ है लेकिन वह जल्दी इससे उबर गया और उसे उसके रिश्तेदार के घर भेज दिया गया है।
विशाखापत्तनम के किंग जॉर्ज अस्पताल में सांस लेने में परेशानी, जी घबराने, आंखों में जलन और पाचन संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे मरीजों का इलाज किया जा रहा है।
अस्पताल में 200 से ज्यादा लोगों का इलाज चल रहा है और उनकी स्थिति स्थिर है।
विशाखापत्तनम जिले के प्रभारी मंत्री के कन्ना बाबू ने अस्पताल का दौरा किया और पीड़ितों से बात की। उन्होंने कहा कि सभी मरीज तेजी से ठीक हो रहे हैं।
उन्होंने कहा, "एहतियात के तौर पर, हम लोगों को उनके गांव लौटने की अनुमति नहीं दे रहे हैं। उन्हें शहर में राहत शिविरों में सुरक्षित आश्रय दिया जा रहा है।"
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(The above story first appeared on LatestLY on May 10, 2020 01:25 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

