देश की खबरें | कानपुर से क्रोमियम कचरे को हटाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई है : समिति

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. एक समिति ने मंगलवार को राष्ट्रीय हरित अधिकरण को बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दिए जाने के बावजूद कानपुर के रानिया और राखी मंडी में पड़े क्रोमियम कचरे को हटाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, पांच जनवरी एक समिति ने मंगलवार को राष्ट्रीय हरित अधिकरण को बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दिए जाने के बावजूद कानपुर के रानिया और राखी मंडी में पड़े क्रोमियम कचरे को हटाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति एस. वी.एस. राठौड़ की अध्यक्षता वाली एक निगरानी समिति ने अधिकरण को बताया कि निविदाएं रद्द कर दी गई हैं और अब एनईईआरआई, नागपुर द्वारा पुन: मूल्यांकन अध्ययन किया जा रहा है।

उसने कहा, ‘‘उसके बाद, नयी निविदाएं जारी की जाएंगी। इससे पता चलता है कि कचरे को हटाने के काम में करीब छह महीने की देरी होगी।’’

गंगा नदी में नालियों का अपशिष्ट गिरने के मामले में समिति ने कहा कि इस दिशा में काम धीमी गति से चल रहा है।

समिति ने कहा कि पिछले छह महीने में सिर्फ दो-तीन नालों की समस्या सुलझायी गयी है। इसके अलावा बाकी नालों में भी कई जरूरी काम शुरू नहीं हुए हैं। हरित अधिकरण के आदेश का पालन नहीं करने को लेकर केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा लगाए गए 18 करोड़ रुपये के जुर्माने की राशि भी राज्य सरकार ने अभी तक जमा नहीं की है।

समिति ने कहा है कि ठोस कचरा निस्तारण की क्षमता को बढ़ाने की सख्त आवश्यकता है।

उसने कहा, ‘‘21 शहरों में रोजाना 3,275 टन कचरा निकलता है और उनके शोधन की क्षमता 2,650 टन प्रतिदिन है। इसमें चार बड़े शहरों कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज और कन्नौज की हिस्सेदारी 81 प्रतिशत है। इसके अलावा छोटे स्थानीय निकायों के पास डंपिंग ग्राउंड या शोधन संयंत्र नहीं हैं। कुल 652 शहरी स्थानीय निकायों में से 70 अभी तक इसके लिए जमीन चिह्नित नहीं कर सके हैं।’’

अधिकरण ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को निर्देश दिया था कि वह कानपुर के रानिया और राखी मंडी में 1976 से पड़े क्रोमियम के कचरे का तत्काल निस्तारण सुनिश्चित करें।

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