नीतीश ने लॉकडाउन के दौरान रोजगार सृजन को लेकर किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की
पटना में बुधवार को आयोजित एक बैठक के दौरान नीतीश ने लॉकडाउन में रोजगार सृजन को लेकर किए जाने वाले कार्यों के संबंध में एवं कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव को लेकर किए जा रहे कार्यों की अद्यतन स्थिति को लेकर विभिन्न विभागों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गहन समीक्षा की।
पटना, 15 अप्रैल बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लॉकडाउन में रोजगार सृजन एवं कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव को लेकर किए जा रहे कार्यों की अद्यतन स्थिति के संबंध में विभिन्न विभागों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बुधवार को गहन समीक्षा की।
पटना में बुधवार को आयोजित एक बैठक के दौरान नीतीश ने लॉकडाउन में रोजगार सृजन को लेकर किए जाने वाले कार्यों के संबंध में एवं कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव को लेकर किए जा रहे कार्यों की अद्यतन स्थिति को लेकर विभिन्न विभागों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गहन समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान निर्देश देते हुये कहा कि उद्योग विभाग अनुसूचित जाति—अनुसूचित जनजाति एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग उद्यमी योजना के कार्य में तेजी लायें। प्राप्त आवदेनों को शीघ्र स्वीकृत करके लाभुकों को योजना का लाभ दिलायें। इसके लिए राशि की कोई कमी नहीं होने दी जायेगी।
उन्होंने जल संसाधन विभाग को निर्देश दिया कि सक्रिया होकर कटाव निरोधक एवं बाढ़ सुरक्षात्मक कार्यों को समय से पूर्ण करायें। स्थानीय प्रशासन भी इस काम में मदद करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में मानसून की शुरूआत के पूर्व बाढ़ नियंत्रण के लिये कुछ जरूरी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर करना होगा।
उन्होंने कहा कि प्रधान सचिव—सचिव खुद निगरानी करें और इंजीनियर एवं श्रमिकों को प्रेरित भी करते रहें। कार्य स्थल पर जरूरी सुविधाओं एवं सुरक्षा का ख्याल रखा जाय।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इंजीनियरिंग विभाग, दिशा-निर्देशों के अधीन एकदूसरे से दूरी बनाये रखने के नियम का पालन करते हुए योजनाओं को शीघ्र प्रारंभ करें ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों अथवा मजदूरों को रोजगार मिल सके। स्थानीय मजदूरों को प्रशिक्षण देकर विशेष कार्यों के लिए उनका उपयोग किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि मनरेगा के अंतर्गत एक एकड़ से कम क्षेत्र वाले तालाबों का निर्माण शीघ्रता से हो। ग्रामीण विकास विभाग, पथ निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, लघु जल संसाधन विभाग अपनी योजनाओं को तेजी से क्रियान्वित करायें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो भी निर्माण कार्य हों वहां मजदूरों को मास्क मुफ्त में उपलब्ध कराया जाए और इसका व्यय योजना की आकस्मिकता निधि से किया जाए। अभियंताओँ को एकदूसरे से दूरी बनाये रखने के नियम के बारे में ट्रेनिंग दी जाए ताकि कोरोना वायरस संक्रमण की स्थिति उत्पन्न न हो।
उन्होंने कहा कि लॉकडाउन में कृषि से संबंधित कार्यों पर कोई रोक नहीं है। गेंहू की अधिप्राप्ति के लिए सभी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। पैक्स के माध्यम से गेंहू की अधिप्राप्ति सुनिश्चित करायी जाय ताकि किसानों को अपनी पंचायतों में ही फसल का उचित मूल्य मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राशि का निर्धारित समय सीमा के अंदर भुगतान सुनिश्चित किया जाय। फसल कटनी की भी निगरानी सुनिश्चित करायी जाय।
उन्होंने कहा कि अस्वीकृत और लंबित राशन कार्ड की जांच करके आवेदक को राशन कार्ड निर्गत किया जाए। सतत जीविकोपार्जन योजना एक महत्वपूर्ण योजना है। जीविका के माध्यम से ऐसे परिवारों का चयन कर लें जिनका राशन कार्ड नहीं बना है। ऐसे परिवारों को एक हजार रूपये की राशि के भुगतान की व्यवस्था होनी चाहिये। इसके लिए ग्रामीण विकास विभाग दो दिन में सर्वेक्षण का कार्य पूर्ण कर ले।
उन्होंने ग्रामीण विकास विभाग को निर्देश दिया कि जीविका समूह से समन्वय करके इसका सर्वेक्षेण करायें और ऐसे परिवारों को चिन्हित करें, जिनका राशन कार्ड नहीं है। मनरेगा के भी ऐसे मजदूरों का जिनका राशन कार्ड नहीं है, उन्हें भी चिन्हित करें। इनलोगों का बैंक एकाउंट भी खुलवायें और जल्द से जल्द इनके खाते में राशि अंतरित करायी जाय।
नीतीश ने कहा कि लॉकडाउन के कारण बिहार के बाहर राज्य के जो लोग फंसे हुये हैं, उन्हें राहत देने के लिये उनके खाते में भी 1,000 रूपये भेजा जा रहा है। इस कार्य की भी निगरानी करते रहें ताकि बचे लोगों को भी खाते में राशि जल्द से जल्द अंतरित हो सके।
उन्होंने निर्देश दिया कि बिहार के बाहर लॉकडाउन में फंसे मजदूरों को मुख्यमंत्री राहत कोष से एक हजार रूपये की जो सहायता राशि अंतरित की जा रही है उसके संबंध में एनपीसीआई से समन्वय करके लाभुक के खाते में शीघ्र अंतरण सुनिश्चित करायें। आवश्यकतानुसार प्रखंडों में आधार केंद्र को क्रियाशील बनाने की कार्रवाई करें।
उन्होंने निर्देश दिया कि राज्य में चलाये जा रहे आपदा राहत केन्द्रों पर सुविधाओं पर भी नजर रखें ताकि किसी को कोई दिक्कत न हो।
कोरोना की अद्यतन समीक्षा के क्रम में मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुये कहा कि वेंटीलेटर, ऑक्सीजन सिलेंडर, टेस्टिंग कीट, मास्क, पीपीई की लगातार आपूर्ति सुनिश्चित करायें। किसी भी चीज की कमी न रहे। स्वाइन फीवर एवं बर्ड फ्लू पर सचते रहें।
इससे पूर्व बैठक के दौरान मुख्य सचिव दीपक कुमार ने बताया कि दिशानिर्देश का पालना करते हुये ग्रामीण क्षेत्रों में हमलोग कुछ प्रोसेसिंग यूनिट चालू कर सकते हैं। सरकार द्वारा चलाई जा रही कुछ आनलाइन योजनाओं की शुरूआत की जा सकती है। जूट उद्योग, माइनिंग के उद्योग, आयल गैस रिफाइनरी इत्यादि की शुरूआत की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि 7 निश्चय के कार्यक्रम हर घर नल का जल, पक्की गली-नालियां, शौचालय का निर्माण, तालाब—पोखरों का जीर्णोद्धार जैसे कार्य शुरू कर दिये गये हैं। इसमें निर्धारित मापदंड का पालन किया जा रहा है।
बैठक में उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी सहित अन्य विभागों के मंत्रिगण और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 15, 2020 11:05 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

