Bihar के सीएम नीतीश ने PMCH को विश्वस्तरीय अस्पताल बनाने की पुनर्विकास परियोजना का किया शिलान्यास
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 5,540 करोड़ रुपये की लागत से पटना चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (पीएमसीएच) को 5,462 बेड का विश्वस्तरीय अस्पताल बनाने की पुनर्विकास परियोजना का सोमवार को शिलान्यास किया।
पटना: बिहार (Bihar) के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने 5,540 करोड़ रुपए की लागत से पटना चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (पीएमसीएच) (PMCH) को 5,462 बेड का विश्वस्तरीय अस्पताल बनाने की पुनर्विकास परियोजना का सोमवार को शिलान्यास किया. पटना चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल परिसर में सोमवार को नीतीश ने भूमि पूजन एवं शिलापट्ट का अनावरण कर परियोजना का शिलान्यास किया.
इस अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नीतीश ने कहा कि पीएमसीएच की इस पुनर्विकास परियोजना के तहत निर्माण कार्य तीन चरणों में होगा. निर्माण के दौरान अस्पताल का काम प्रभावित नहीं होगा. यहां चिकित्सकों, कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं के रहने के लिए बेहतर आवास का निर्माण भी किया जायेगा.
उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में बताया गया है कि इस परियोजना के पूर्ण होने का लक्ष्य सात साल निर्धारित किया गया है. उन्होंने कहा, ‘‘मेरी ख्वाहिश है कि इसका निर्माण कार्य पांच साल में पूर्ण कर लिया जाय। निर्माण कार्य तेजी से हो इसके लिए विशेषज्ञों की एक समिति भी बनायें जो इसका सतत अनुश्रवण करती रहे.’’
नीतीश ने कहा कि पीएमसीएच का निर्माण कार्य तेजी से पूरा हो यह हमारी हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. इस अस्पताल में लोगों के आवागमन को बेहतर बनाने के लिए इसे गंगा पथ से जोड़ा जा रहा है. अशोक राजपथ से भी एलिवेटेड सड़क बनाकर इसे जोड़ा जाएगा. यहां हेलिकॉप्टर के भी उतरने की व्यवस्था होगी ताकि गंभीर स्थिति वाले मरीजों को यहां लाने में सुविधा हो। यहां गाड़ियों की पार्किंग की भी उचित व्यवस्था होगी.
उन्होंने कहा कि इस अस्पताल में सभी प्रकार की बीमारियों का इलाज होगा और अनुसंधान कार्य भी किए जाएंगे. नालंदा मेडिकाल कालेज अस्पताल, श्रीकृष्ण मेडिकाल कालेज अस्पताल और अनुग्रह नारायण मेडिकल कॉलेज अस्पताल अस्पतालों में भी बेड की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया गया है. इसका उद्देश्य है कि किसी को भी इलाज के लिए बिहार से बाहर जाना न पड़े. यह भी पढ़ें: Bihar: नीतीश कुमार ने JDU नेता उमेश कुशवाहा को दी बड़ी जिम्मेदारी, सौंपी प्रदेश अध्यक्ष की कमान
नीतीश ने कहा कि हमलोगों की सरकार आने के पहले राज्य में स्वास्थ्य की क्या स्थिति थी सभी जानते हैं. वर्ष 2006 से ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को बेहतर बनाने के लिए काम किया गया. गांव में रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य का भी ख्याल रखा जा रहा है. अब उनलोगों के लिये नई तकनीक के माध्यम से कई बीमारियों के इलाज का इंतजाम किया जा रहा है.
नीतीश ने कहा कि दुनिया में कोविड-19 से जितने लोगों की मौत हुई उसकी तुलना में अपने देश में मरीजों की मौत कम हुई. देश में कोरोना से मृत्यु की दर 1.44 प्रतिशत रही जबकि बिहार में यह 0.58 प्रतिशत रही. 10 लाख की आबादी पर कोरोना संक्रमण की औसत जांच जितनी देश में हो रही है उससे 22 हजार ज्यादा जांच बिहार में हो रही है.
उन्होंने कहा कि देश में कोविड-19 का टीका बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हैं और उनका अभिनंदन करते हैं। पहले चरण का टीकाकरण चल रहा है. दूसरे चरण में 50 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को टीका लगेगा.
कार्यक्रम को केन्द्रीय संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी और विधि एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद, उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय, विधायक अरुण कुमार सिन्हा एवं नितिन नवीन, स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत एवं पीएमसीएच के प्राचार्य विद्यापति चैधरी ने भी संबोधित किया.
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(The above story first appeared on LatestLY on Feb 08, 2021 08:19 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

