देश की खबरें | नीतीश कटारा हत्याकांड : अंतरिम जमानत के लिए विकास यादव ने न्यायालय का रुख किया

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नयी दिल्ली, दो अप्रैल नीतीश कटारा की 2002 में हुई हत्या के मामले में 25 साल कारावास की सजा काट रहे विकास यादव ने अपनी मां की सर्जरी का हवाला देते हुए अंतरिम जमानत के लिए बुधवार को उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।

न्यायमूर्ति अभय एस. ओका और न्यायमूर्ति उज्ज्ल भुइयां की पीठ ने कहा कि इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार नोएडा के यशोदा अस्पताल में भर्ती यादव की मां की स्थिति की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड गठित कर सकती है।

शीर्ष अदालत ने सुनवाई की अगली तारीख 15 अप्रैल तय करते हुए कहा, “मेडिकल बोर्ड उक्त अस्पताल के चिकित्सकों से भी परामर्श करेगा और रिकॉर्ड का अवलोकन करेगा।”

यादव के वकील ने चिकित्सा दस्तावेज अदालत के समक्ष रखते हुए दलील दी कि यादव की मां की हालत फरवरी में खराब हो गई थी। उन्होंने बताया कि मां गहन चिकित्सा इकाई में है और उसने सर्जरी से इनकार कर दिया है।

अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि यादव की मां अस्पताल में हैं और मेडिकल बोर्ड द्वारा उनकी जांच की जा सकती है।

कटारा की मां और शिकायकर्ता नीलम कटारा की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अपराजिता सिंह ने यादव के आचरण पर सवाल उठाया और कहा कि वह चिकित्सा आधार पर 98 बार एम्स गए थे।

अदालत ने हालांकि, रेखांकित किया कि याचिकाकर्ता ने पर्याप्त सजा काट ली है। उच्चतम न्यायालय ने तीन अक्टूबर 2016 को यादव को बिना किसी छूट का लाभ दिए सजा सुनाई थी।

वह उत्तर प्रदेश के नेता डी पी यादव का बेटा है। उसके चचेरे भाई विशाल यादव को भी ‘बिजनेस एग्जीक्यूटिव’ कटारा के अपहरण और हत्या के मामले में सजा सुनाई गई थी।

दोनों लोग विकास की बहन भारती यादव के साथ कटारा के कथित प्रेम संबंध के खिलाफ थे, क्योंकि वे अलग-अलग जातियों से थे।

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