विदेश की खबरें | नाइजर के सैन्य शासकों ने कहा-देश में अमेरिकी सैनिकों के रहने का अब औचित्य नहीं

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. इस हफ्ते अमेरिकी राजनयिकों एवं सैन्य अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बातचीत के बाद सरकारी टीवी पर यह घोषणा की गई है।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

इस हफ्ते अमेरिकी राजनयिकों एवं सैन्य अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बातचीत के बाद सरकारी टीवी पर यह घोषणा की गई है।

नाइजर अफ्रीका के सहेल क्षेत्र में अमेरिकी सेना के अभियानों में एक अहम भूमिका निभाता है और देश में एक प्रमुख एयरबेस है।

अमेरिका इस क्षेत्र में जिहादी हिंसा फैलने को लेकर चिंतित है, जहां स्थानीय समूहों ने अल-कायदा और इस्लामिक स्टेट चरमपंथी समूहों के प्रति निष्ठा जताई है।

सैन्य शासन के प्रवक्ता कर्नल मेजर अमादौ अब्दरहमान ने बयान पढ़ते हुए पूरी तरह यह तो नहीं कहा कि अमेरिकी बलों को देश छोड़ देना चाहिए। उन्होंने कहा कि नाइजर अमेरिका के साथ सैन्य सहयोग रोक रहा है।

उन्होंने कहा कि हाल के हफ्तों में देश के क्षेत्र से गुजरी अमेरिकी उड़ानें अवैध थीं।

देश में पिछले साल जुलाई में सेना ने लोकतांत्रिक रूप से चुने गए राष्ट्रपति मोहम्मद बज़ौंम का तख्तापलट कर दिया था। इसके बाद से नाइजर यूरोपीय संघ से अपनी सुरक्षा साझेदारी खत्म कर चुका है और फ्रांस ने देश से अपने सैनिकों को वापस बुला लिया है।

एपी नोमान वैभव

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