विदेश की खबरें | नाइजीरियाई सेना ने माना, लागोस में गोलीबारी स्थल पर थे उसके सैनिक
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. मानवाधिकारों के लिये काम करने वाले एमनेस्टी इंटरनेशनल के मुताबिक 20 अक्टूबर को लेक्की प्लाजा पर हुई गोलीबारी में कम से कम 10 प्रदर्शनकारी मारे गए थे।
मानवाधिकारों के लिये काम करने वाले एमनेस्टी इंटरनेशनल के मुताबिक 20 अक्टूबर को लेक्की प्लाजा पर हुई गोलीबारी में कम से कम 10 प्रदर्शनकारी मारे गए थे।
सेना ने कहा था कि उसके सैनिक गोलीबारी वाली जगह पर नहीं थे लेकिन मंगलवार रात सैन्य प्रवक्ता मेजर ओसोबा ओलानियी ने बयान पलटते हुए कहा कि कर्फ्यू लागू करवाने के लिये सैनिकों को वहां तैनात किया गया था। उन्होंने हालांकि इस बात से इनकार किया कि जवानों ने गोलीबारी की।
यह भी पढ़े | सुरक्षाकर्मी ने दी मास्क पहनने की सलाह तो भड़क गई दो बहने, 27 बार चाकू मारा, जानें कहां की है ये घटना.
ओलानियी ने एक बयान में कहा, “नाइजीरियाई सेना के सैनिकों ने कभी भी किसी नागरिक पर गोली नहीं चलाई।”
प्लाजा पर सेना की मौजूदगी की स्वीकारोक्ति तब आई जब लागोस के राज्य गवर्नर बाबाजिदे सान्वो-ओलू ने कहा कि सुरक्षा कैमरों की फुटेज में लेकी प्लाजा पर नाइजीरियाई सैनिक नजर आ रहे हैं और शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे लोगों को गोली चलाते दिख रहे हैं।
ओलानियी ने कहा कि सैनिकों को लागोस राज्य सरकार के आदेश पर तैनात किया गया था जबकि गवर्नर ने कहा कि राष्ट्रीय सेना पर राज्य का कोई अधिकार नहीं है। कई नाइजीरियाई नागरिकों ने पूछा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन स्थल लेक्की प्लाजा पर सैनिकों को क्यों तैनात किया गया था, जहां हजारों लोग जुटे थे।
एपी
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)