देश की खबरें | सुधा भारद्वाज को जमानत देने के बंबई उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ उच्चतम न्यायालय पहुंची एनआईए
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. वकील एवं कार्यकर्ता सुधा भारद्वाज को बंबई उच्च न्यायालय द्वारा जमानत देने के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने उच्चतम न्यायालय का रूख किया है। भारद्वाज को यूएपीए के प्रावधानों के तहत अगस्त 2018 में एल्गार परिषद्-माओवादी संबंधों के मामले में गिरफ्तार किया गया था।
नयी दिल्ली, तीन दिसंबर वकील एवं कार्यकर्ता सुधा भारद्वाज को बंबई उच्च न्यायालय द्वारा जमानत देने के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने उच्चतम न्यायालय का रूख किया है। भारद्वाज को यूएपीए के प्रावधानों के तहत अगस्त 2018 में एल्गार परिषद्-माओवादी संबंधों के मामले में गिरफ्तार किया गया था।
उच्च न्यायालय ने एक दिसंबर को अपने आदेश में कहा था कि केंद्र सरकार को अपदस्थ करने के षड्यंत्र में हिस्सा रही भारद्वाज जमानत की हकदार हैं और जमानत देने से इंकार करना संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्राप्त जीवन एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता के उनके मूल अधिकारों का हनन है।
उच्च न्यायालय ने निर्देश दिया था कि भायखला महिला जेल में बंद भारद्वाज को आठ दिसंबर को मुंबई की विशेष एनआईए अदालत में पेश किया जाए और उनकी जमानत की शर्तों एवं रिहाई की तारीख पर निर्णय किया जाए।
भारद्वाज उन 16 गिरफ्तार कार्यकर्ताओं एवं शिक्षाविदों में शामिल हैं जिन्हें जमानत मिली है।
स्टैन स्वामी की इस वर्ष पांच जुलाई को यहां एक निजी अस्पताल में चिकित्सा जमानत का इंतजार करते हुए मौत हो गई थी जबकि अन्य सभी विचाराधीन कैदी के तौर पर हिरासत में हैं।
उच्च न्यायालय ने मामले में आठ अन्य सह- आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी।
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