देश की खबरें | सुहास शेट्टी हत्याकांड की जांच एनआईए ने अपने हाथ में ली

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की एक टीम हिंदू कार्यकर्ता सुहास शेट्टी की हत्या की जांच औपचारिक रूप से अपने हाथ में लेने के लिए शनिवार को यहां पहुंची। मंगलुरु के पुलिस आयुक्त सुधीर कुमार रेड्डी ने यह जानकारी दी।

मंगलुरु, 14 जून राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की एक टीम हिंदू कार्यकर्ता सुहास शेट्टी की हत्या की जांच औपचारिक रूप से अपने हाथ में लेने के लिए शनिवार को यहां पहुंची। मंगलुरु के पुलिस आयुक्त सुधीर कुमार रेड्डी ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि मामले के जांच अधिकारी ने इस हत्याकांड की जांच से जुड़े सभी कागजात एवं अब तक जुटाये गये साक्ष्य आज एनआईए की टीम को सौंप दिये।

पुलिस उपाधीक्षक पवन कुमार के नेतृत्व में एनआईए की टीम इस मामले की जांच के लिए आज यहां पहुंची और उसने पुलिस की अपराध शाखा सीसीबी (सिटी क्राइम ब्रांच) के अधिकारियों से संबद्ध सभी जानकारी एवं कागजात प्राप्त किये।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले में विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता सुहास शेट्टी की कर दी गयी हत्या की जांच सात जून को एनआईए को सौंप दी थी।

सुहास शेट्टी की इस वर्ष एक मई को मंगलुरु के बाजपे में तलवार से हमला कर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में छह कट्टरपंथी सांप्रदायिक व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। इस हत्या से कर्नाटक के तटवर्ती इलाके में तीव्र प्रतिक्रिया हुई थी और इसके बाद क्षेत्र में बंद रखा गया एवं हिंसा के बीच व्यापक सांप्रदायिक तनाव देखा गया।

इसी घटना के बाद राज्य के गृहमंत्री डा. जी परमेश्वर ने तटवर्ती तीन जिलों में सांप्रदायिक हिंसा से ही निपटने के लिए विशेष कार्रवाई बल ‘एसएएफ’ के गठन की घोषणा की थी और उन्होंने शुक्रवार को यहां उसके कार्यालय का उद्घाटन कर उसे मूर्त रूप भी दे दिया।

इस मामले की जांच में एनआईए को शामिल करने का यह कदम भाजपा के दक्षिण कन्नड़ सांसद कैप्टन बृजेश चौटा द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से किये गये आग्रह के बाद उठाया गया है। उन्होंने क्षेत्र में सक्रिय संगठित कट्टरपंथी नेटवर्क पर चिंता जताई थी।

चौटा ने केन्द्रीय गृह मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र की त्वरित प्रतिक्रिया यह सुनिश्चित करेगी कि इस मामले में सुहास के परिवार को न्याय मिले और यदि कोई गहरी साजिश है तो उसका पर्दाफाश हो। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय जांच से क्षेत्र में भविष्य में होने वाली सांप्रदायिक हिंसा को रोकने में भी मदद मिलेगी।

यह पहली बार नहीं है कि तटीय कर्नाटक से राजनीतिक या सांप्रदायिक हिंसा के मामले एनआईए को सौंपे गए हैं। हाल के वर्षों में एजेंसी ने इस क्षेत्र में कथित उग्रवादी गतिविधियों से जुड़े कई मामलों की जांच की है।

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