नयी दिल्ली, 12 जुलाई राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने लॉकडाउन के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए 30 जून तक 400 से अधिक मामलों की सुनवाई की।
एनजीटी रजिस्ट्री द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अधिकरण के अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श के. गोयल की अध्यक्षता वाली प्रधान पीठ ने पांच मई से लेकर 30 जून तक 409 मामलों की सुनवाई की और तीन मई से 30 जून के बीच 210 मामलों में निर्णय सुनाया।
हरित इकाई को इस अवधि के दौरान 267 नयी याचिकाएं मिलीं।
अधिकरण ने मीडिया में कोविड-19 कचरा निस्तारण से जुड़े आए एक लेख पर संज्ञान लिया और इस पर कई दिशा-निर्देश जारी किए।
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इसने एलजी पॉलीमर्स, सैनर लाइफ साइंसेज फैक्टरी, आंध्र प्रदेश में एसपीवाई एग्रो इंडस्ट्रीज से गैस लीक होने की घटनाओं पर प्राथमिकता से सुनवाई की और कंपनियों को जिम्मेदार ठहराते हुए उनपर जुर्माना लगाया।
एनजीटी ने कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के कारण कामकाजी दिनों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए साल 2020 की अपनी गर्मियों की छुट्टियों को रद्द करने की घोषणा की।
इसने अपने कामकाज के संबंध में निर्देश जारी करते हुए कहा कि अध्यक्ष, सदस्य और अधिकारी 100 फीसदी उपस्थिति के साथ कार्यालय आएंगे।
कोरोना वायरस से एक अधिकारी के संक्रमित पाए जाने के बाद पूरे अधिकरण परिसर को संक्रमणमुक्त किया गया।
कोविड-19 का मामला आने के बाद एनजीटी ने आवश्यक प्रोटोकॉल का पालन किया और सभी स्टाफ सदस्यों को सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा।
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