एनजीटी ने केंद्र, सीपीसीबी को कोविड-19 के अपशिष्ट के निपटान की निगरानी करने के निर्देश दिए
अधिकरण ने कहा कि जैव चिकित्सा अपशिष्ट नियम के तहत संक्रामक बीमारी से निपटने के दौरान उत्पन्न कचरे को ठिकाने लगाया जाता है जबकि कोरोना वायरस महामारी ने ऐसे उत्पन्न अपशिष्ट को वैज्ञानिक तरीके से निपटने की क्षमता के समक्ष चुनौती बढ़ा दी है।
नयी दिल्ली, 24 अप्रैल राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने शुक्रवार को केंद्र और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के एक संयुक्त दल को कोविड-19 के अपशिष्ट को दिशानिर्देशों के तहत संभालने और वैज्ञानिक निपटान की निगरानी करने के निर्देश दिए।
अधिकरण ने कहा कि जैव चिकित्सा अपशिष्ट नियम के तहत संक्रामक बीमारी से निपटने के दौरान उत्पन्न कचरे को ठिकाने लगाया जाता है जबकि कोरोना वायरस महामारी ने ऐसे उत्पन्न अपशिष्ट को वैज्ञानिक तरीके से निपटने की क्षमता के समक्ष चुनौती बढ़ा दी है।
एनजीटी के अध्यक्ष न्यायाधीश आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि कोविड-19 के अपशिष्ट के वैज्ञानिक भंडारण, परिवहन, रखरखाव, प्रबंधन और निपटाने को लेकर करीबी निगरानी रखी जाए क्योंकि इसमें लापरवाही से पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हो सकता है।
पीठ ने कहा, '' राष्ट्रीय स्तर पर, पर्यावरण मंत्रालय, स्वास्थ्य, शहरी विकास, जल शक्ति, रक्षा और सीपीसीबी का एक उच्च स्तरीय कार्य दल कोविड-19 के अपशिष्ट को दिशानिर्देशों के तहत संभालने और वैज्ञानिक निपटान की निगरानी करे।''
पीठ ने यह भी निर्देश दिया कि राज्यों के पर्यावरण विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन नियम,2016 का अनुपालन सुनिश्चित करें और कार्रवाई की रिपोर्ट सीपीसीबी को प्रस्तुत करें।
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 24, 2020 03:18 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

