देश की खबरें | एनजीटी ने तमिलनाडु सरकार से एसडब्ल्यूडी योजना पर पुनर्विचार को कहा
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नयी दिल्ली, 16 सितंबर राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने तमिलनाडु सरकार और वृहद चेन्नई निगम को पनैयुर में कोवलम बेसिन के जल संचय क्षेत्र के भीतर बारिश के पानी की निकासी के लिए नालियों (एसडब्ल्यूडी) के निर्माण की परियोजना पर पुन: विचार करने के निर्देश दिए हैं।
एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति ए के गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि ‘सतत विकास’ के सिद्धांत में सभी विकासात्मक गतिविधियों को पर्यावरणीय चिंताओं का ध्यान रखते हुए चलाने की आवश्यकता होती है।
पीठ ने कहा, ‘‘हम तमिलनाडु राज्य और निगम को विशेष समिति की टिप्पणियों को देखते हुए परियोजना पर पुनर्विचार करने का निर्देश देते हैं। वे आईआईटी, चेन्नई और अन्य विशेषज्ञ संस्थान जैसे कि भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलूरू के सुझावों पर विचार करने के लिए स्वतंत्र हैं।’’
अधिकरण ने कहा कि अगर वह उचित बदलावों के साथ परियोजना पर काम आगे बढ़ाने का फैसला करती है तो निगम वैधानिक तटीय नियमन जोन (सीआरजेड) मंजूरी मिलने के बाद भी आगे बढ़ सकती है।
पीठ ने कहा, ‘‘परियोजना पर आगे काम तब ही किया जा सकता है जब परियोजनाओं पर पुनर्विचार पर फैसला कर लिया जाए और सीआरजेड मंजूरी मिल जाए।’’
एनजीटी ने काम रोकने के आदेश का उल्लंघन करते हुए और आवश्यक सीआरजेड मंजूरी मिले बिना काम जारी रखने के लिए निगम के अधिकारियों के खिलाफ नाखुशी जतायी।
पीठ ने छह सितंबर को दिए आदेश में कहा, ‘‘हम पर्यावरण मंत्रालय समेत संबंधित प्राधिकारियों को काम करने में उल्लंघनों के लिए कदम उठाने की छूट देते हैं।’’
उसने कहा कि चूंकि यह पाया गया कि काम रोकने के आदेश का उल्लंघन करते हुए कोई खास काम नहीं किया गया तो हम मुआवजा नहीं दे सकते।
एनजीटी चेन्नई निवासी सजित, जुहू बीच रेजीडेंट्स एसोसिएशन, उथांडी और अन्य की चेन्नई के पनैयुर में कोवलम बेसिन में जलसंचय क्षेत्र के भीतर बारिश के पानी की निकासी के लिए नालियों के निर्माण की परियोजना की वैधता से संबंधित याचिका पर सुनवाई कर रहा है।
याचिकाकर्ताओं के अनुसार, यह प्रस्तावित नालियां पर्यावरण के लिए हानिकारक साबित होगी और यह एक बेकार की कवायद है।
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