देश की खबरें | एनजीटी ने नाले के बफर जोन में ‘अवैध निर्माण’ पर योजना बोर्ड से निर्णय लेने को कहा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) योजना बोर्ड के सदस्य सचिव को साहिबाबाद नाले के ‘बफर जोन’ में कथित अवैध निर्माण के संबंध में एक शिकायत पर दो महीने के भीतर निर्णय लेने को कहा है।

नयी दिल्ली, दो सितंबर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) योजना बोर्ड के सदस्य सचिव को साहिबाबाद नाले के ‘बफर जोन’ में कथित अवैध निर्माण के संबंध में एक शिकायत पर दो महीने के भीतर निर्णय लेने को कहा है।

अधिकरण उस याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें आरोप लगाया गया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी)अवैध तरीके से गाजियाबाद में साहिबाबाद नाले के नीचे रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) की एक रेल लाइन और एक स्टेशन का निर्माण कर रहा है।

याचिका में कहा गया कि नाले के बफर जोन में इस अवैध निर्माण के कारण वैशाली और वसुंधरा किनारों पर नाले का प्रवाह ‘पूरी तरह से परिवर्तित’ हो गया है।

एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव की पीठ ने कहा कि अधिकरण ने पिछले साल सितंबर में पारित अपने आदेश में कहा था कि नाले की सुरक्षा के मुद्दे की देखरेख एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के सदस्य सचिव की अध्यक्षता वाली एक संयुक्त समिति कर रही है और इसलिए शिकायत पर पहले समिति द्वारा विचार किया जाना चाहिए।

न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल और विशेषज्ञ सदस्य ए सेंथिल वेल वाली पीठ ने कहा कि हालांकि, अधिकरण के पिछले आदेश में याचिकाकर्ता की शिकायत पर विचार करने के लिए कोई समयसीमा निर्धारित नहीं की थी।

यह भी कहा गया कि याचिका के साथ संलग्न दस्तावेजों से ‘कोई ठोस निष्कर्ष निकालना मुश्किल है’ और आरोपों पर सदस्य सचिव द्वारा ‘ज्यादा उचित’ तरीके से विचार किया जा सकता है।

हरित पैनल ने रेखांकित किया कि उसके पिछले आदेश में ‘नाले के प्राकृतिक मार्ग में कोई बदलाव न हो और प्रदूषण न फैले, यह सुनिश्चित करते हुए सभी संभावित शमन उपायों के साथ’ निर्माण को जारी रखने की अनुमति दी गई थी

अधिकरण ने कहा, ‘‘इस बीच हम स्पष्ट करते हैं कि पहले जारी किए गए आदेश को ध्यान में रखते हुए निर्माण जारी रहेगा।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now