जरुरी जानकारी | चार्टर्ड अकाउंटेंट के कदाचार पर एनएफआरए पिछली तारीख से कर सकता है कार्रवाईः एनसीएलएटी

नयी दिल्ली, तीन दिसंबर राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने आवासीय वित्त कंपनी डीएचएफएल के लेखा परीक्षकों पर लगाए गए राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण (एनएफआरए) के जुर्माने को बरकरार रखा है।

न्यायाधिकरण ने कहा कि एनएफआरए के पास चार्टर्ड अकाउंटेंट के कदाचार पर पिछली तारीख से कदम उठाने का अधिकार है।

दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड (डीएचएफएल) के लेखा परीक्षकों की अपीलों को खारिज करते हुए एनसीएलएटी ने अपने आदेश में कहा कि एनएफआरए के पास अपने गठन से पहले की अवधि के लिए दोषी चार्टर्ड अकाउंटेंट की हरकतों के लिए कार्रवाई करने का स्पष्ट अधिकार है।

अप्रैल, 2023 में एनएफआरए ने डीएचएफएल शाखाओं की ऑडिट के दौरान कदाचार पाए जाने पर कंपनी के 18 लेखा परीक्षकों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। इसके साथ ही कुछ लेखा परीक्षकों को छह महीने से लेकर एक साल के लिए प्रतिबंधित भी कर दिया था।

प्रतिबंध के दायरे में आए चार लेखा परीक्षकों- हरीश टी के, आयना टमटम, एम भास्करन और सैम वर्गीज ने एनसीएलएटी के समक्ष अपील दायर कर उक्त आदेश को चुनौती दी थी।

एनसीएलएटी की दो सदस्यीय पीठ ने उनकी अपील के सभी बिंदुओं को खारिज करते हुए कहा कि कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 132 (4) को पिछली तारीख से लागू किया जा सकता है। इसी धारा के तहत उन्हें प्रतिबंधित किया गया था।

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