नयी दिल्ली, 18 अक्टूबर उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को कहा कि वह गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम कानून (यूएपीए) के तहत गिरफ्तारी के खिलाफ न्यूजक्लिक के संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ और उसके मानव संसाधन (एचआर) प्रमुख अमित चक्रवर्ती की दो अलग-अलग याचिकाओं पर 19 अक्टूबर को सुनवाई करेगा।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने दोनों को कोई राहत देने से इनकार कर दिया है, जिसके बाद उन्होंने शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया है।
न्यायमूर्ति बीआर गवई और न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ ने पुरकायस्थ और चक्रवर्ती की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और देवदत्त कामत से कहा कि उसे याचिकाओं को ध्यानपूर्वक पढ़ने की जरूरत है।
न्यायमूर्ति गवई ने कहा, ‘‘हमें फाइल को पढ़ने की जरूरत है। हम दोनों मामलों पर कल सुनवाई करेंगे।’’
सिब्बल द्वारा 16 अक्टूबर को प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष मामले का उल्लेख किया गया था और उसके बाद शीर्ष अदालत मामले को तत्काल सूचीबद्ध करने पर सहमत हुई।
न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने सिब्बल से कागजात संबंधित पक्षों को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था और कहा था कि वह मामले को तत्काल सूचीबद्ध करने पर फैसला लेंगे।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने गिरफ्तारी और उसके बाद की पुलिस हिरासत के खिलाफ उनकी याचिकाएं 13 अक्टूबर को खारिज कर दी थी। दोनों को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने तीन अक्टूबर को गिरफ्तार किया था।
दिल्ली पुलिस ने चीन के समर्थन में प्रचार-प्रसार के लिए कथित तौर पर धन प्राप्त करने के वास्ते दोनों के खिलाफ यूएपीए के तहत मामले दर्ज किए हैं।
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