देश की खबरें | ‘न्यूजक्लिक’: ईडी करात-सिंघम के बीच ई-मेल आदान प्रदान, पत्रकारों को कोष भेजने की जांच कर रहा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. समाचार पोर्टल ‘न्यूजक्लिक’ के खिलाफ धन शोधन मामले की जांच के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच के दायरे में अमेरिकी अरबपति कारोबारी नेविल रॉय सिंघम और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता प्रकाश करात के बीच ईमेल का आदान प्रदान भी शामिल हैं। आधिकारिक सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
नयी दिल्ली, 10 अगस्त समाचार पोर्टल ‘न्यूजक्लिक’ के खिलाफ धन शोधन मामले की जांच के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच के दायरे में अमेरिकी अरबपति कारोबारी नेविल रॉय सिंघम और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता प्रकाश करात के बीच ईमेल का आदान प्रदान भी शामिल हैं। आधिकारिक सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
‘न्यूजक्लिक’ पर चीन के हितों को बढ़ावा के लिए सिंघम से धन प्राप्त करने का आरोप है। ईडी ‘न्यूजक्लिक’ से कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड के परिवार के सदस्यों को लगभग 40 लाख रुपये के कथित हस्तांतरण, पत्रकार और लेखक परंजॉय गुहा ठाकुरता, ‘न्यूजक्लिक’ के कुछ कर्मचारियों तथा कुछ अन्य मीडियाकर्मियों को लगभग 72 लाख रुपये के हस्तांतरण की भी जांच कर रहा है।
ईडी की जांच में पाया गया कि ‘न्यूजक्लिक’ ने जेल में बंद कार्यकर्ता गौतम नवलखा को ‘‘वेतन’’ के रूप में कथित तौर पर 17.08 लाख रुपये, ‘न्यूजक्लिक’ के शेयरधारक और माकपा के सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सेल के सदस्य बप्पादित्य सिन्हा को 97.32 लाख रुपये का भुगतान एक अनिर्दिष्ट अवधि में किया था। सूत्रों के मुताबिक, ईडी इन कोष के ‘‘अंतिम उपयोग’’ की जांच कर रहा है।
‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ की हालिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि यह पोर्टल एक वैश्विक नेटवर्क का हिस्सा था, जिसे सिंघम से धनराशि मिली थी। सिंघम चीन सरकार की मीडिया इकाई के साथ कथित तौर पर मिलकर काम करता है। रिपोर्ट के बाद ‘न्यूजक्लिक’ और इसकी गतिविधियां फिर से सुर्खियों में आ गईं।
संसद में भी यह मुद्दा उठाया गया था जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे ने इस सप्ताह की शुरुआत में कहा था कि ‘न्यूजक्लिक’ को दिए गए धन का इस्तेमाल भारत विरोधी माहौल बनाने के लिए किया गया तथा उनके पास करात और सिंघम के बीच ई-मेल आदान-प्रदान से संबंधित दस्तावेज हैं।
ईडी ‘न्यूजक्लिक’, इसके प्रवर्तकों और अन्य के खिलाफ अपनी आपराधिक जांच के तहत सिंघम से जुड़ी संस्थाओं से इसकी होल्डिंग कंपनी (पीपीके न्यूजक्लिक स्टूडियो प्राइवेट लिमिटेड) और इसमें 86 करोड़ रुपये से अधिक के कथित धोखाधड़ी वाले विदेशी कोष के वित्तपोषण की जांच कर रहा है। इस मामले में जल्द ही आरोपपत्र दाखिल किए जाने की उम्मीद है।
ईडी ने धन शोधन के आरोप में पहली बार सितंबर, 2021 में राष्ट्रीय राजधानी के सैदुलाजाब इलाके में ‘न्यूजक्लिक’ के खिलाफ छापेमारी की थी और तब से जांच जारी है। एजेंसी ने इस मामले में 20 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए हैं, जिनमें ‘न्यूजक्लिक’ के संस्थापक और प्रधान संपादक प्रबीर पुरकायस्थ के बयान भी शामिल हैं।
ठाकुरता ने ‘पीटीआई-’ को बताया कि ईडी ने इस जांच के तहत उनसे पहले भी पूछताछ की है और वह मई, 2018 से ‘न्यूजक्लिक’ के सलाहकार रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हालाकि, मैं न तो न्यूजक्लिक का कर्मचारी, शेयरधारक या संपादकीय बोर्ड का हिस्सा हूं। मैं एक स्वतंत्र पत्रकार हूं और मैंने कई समाचार संस्थानों के लिए लिखा और योगदान दिया है।’’
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