न्यूयॉर्क में मार्च में मुठभेड़ के दौरान पुलिस अधिकारियों ने कथित तौर पर प्रूड के चेहरे को ढंक दिया था और उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया था।
पुलिस के ‘बॉडी कैमरा’ की फुटेज सामने आने के बाद बुधवार को इस मामले ने तूल पकड़ लिया था।
अटॉर्नी जनरल लेटिशिया जेम्स ने कहा, ‘‘प्रूड परिवार और रोचेस्टर समुदाय बहुत तकलीफ से गुजरे हैं।’’ उन्होंने कहा कि एक बड़ी न्यायपीठ इस गहन जांच का हिस्सा होगी।
प्रूड के साथ ज्यादती का वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने इसके विरोध में प्रदर्शन किए तथा सुधार और अधिक जवाबदेही की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इस घटना से पता चलता है कि मानसिक समस्याओं से जूझ रहे लोगों से निपटने के लिए पुलिस तैयार नहीं है। उन्होंने इस संबंध में कानून बनाने की भी मांग की।
दी नेशनल अलायंस ऑन मेंटल इलनेस की ओर से शुक्रवार को जारी एक वक्तव्य में कहा गया कि पुलिस की कार्रवाई ‘‘विनाश का साधन’’ बन सकती है।
एपी मानसी रंजन
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