देश की खबरें | न्यू इंडिया सहकारी बैंक मामला: पुलिस को 168 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क करने की मंजूरी मिली
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. नए आपराधिक कानून लागू होने के बाद मुंबई में ऐसे पहले मामले में एक अदालत ने पुलिस को न्यू इंडिया सहकारी बैंक में कथित गबन के सिलसिले में पांच आरोपियों की 167.85 करोड़ रुपये की 21 संपत्तियों को कुर्क करने की अनुमति दी है।
मुंबई, तीन अप्रैल नए आपराधिक कानून लागू होने के बाद मुंबई में ऐसे पहले मामले में एक अदालत ने पुलिस को न्यू इंडिया सहकारी बैंक में कथित गबन के सिलसिले में पांच आरोपियों की 167.85 करोड़ रुपये की 21 संपत्तियों को कुर्क करने की अनुमति दी है।
एक अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच कर रही मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने बुधवार को मजिस्ट्रेटी अदालत से मंजूरी मिलने के बाद कुर्की की प्रक्रिया शुरू कर दी।
इन संपत्ति में चारकोप में 150 करोड़ रुपये की एक झुग्गी पुनर्वास परियोजना भी शामिल है, जिसे गिरफ्तार आरोपियों में से एक बिल्डर धर्मेश पौन द्वारा विकसित किया जा रहा है।
ईओडब्ल्यू अधिकारी ने बताया कि मुंबई शहर में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 107 के तहत यह पहली ऐसी कार्रवाई होगी। यह धारा पुलिस को ‘‘आपराधिक गतिविधि के परिणामस्वरूप प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्राप्त की गई’’ किसी भी संपत्ति को कुर्क करने की अनुमति देती है।
उन्होंने बताया कि ईओडब्ल्यू के आवेदन के जवाब में अदालत ने बैंक के पूर्व महाप्रबंधक हितेश मेहता के सात फ्लैट, एक दुकान और एक बंगले समेत 21 संपत्तियों को कुर्क करने की अनुमति दी।
अधिकारी ने बताया कि अन्य संपत्ति में उन्नाहलाथन अरुणाचलम की एक दुकान, आरोपी कपिल डेडिया का एक फ्लैट और व्यवसायी जावेद आजम की बिहार के मधुबनी में स्थित एक दुकान एवं एक फ्लैट तथा पटना में एक फ्लैट समेत अन्य संपत्ति शामिल है।
ये सभी व्यक्ति ईओडब्ल्यू द्वारा बैंक से 122 करोड़ रुपये के कथित गबन के आरोप में गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों में शामिल हैं।
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