देश की खबरें | न्यू इंडिया बैंक मामला : ईओडब्ल्यू ने पूर्व जीएम हितेश मेहता का पॉलीग्राफ टेस्ट कराया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मुंबई पुलिस ने मंगलवार को न्यू इंडिया कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के पूर्व महाप्रबंधक हितेश मेहता का पॉलीग्राफ टेस्ट कराया, जो 122 करोड़ रुपये के गबन मामले में मुख्य आरोपी हैं। अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी।

मुंबई, 11 मार्च मुंबई पुलिस ने मंगलवार को न्यू इंडिया कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के पूर्व महाप्रबंधक हितेश मेहता का पॉलीग्राफ टेस्ट कराया, जो 122 करोड़ रुपये के गबन मामले में मुख्य आरोपी हैं। अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी।

एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की एक टीम जल्द ही भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का दौरा करेगी और वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर इस बारे में जानकारी जुटाएगी कि केंद्रीय बैंक ने 12 फरवरी को निरीक्षण क्यों किया, जिसमें विसंगतियां सामने आईं, जबकि उससे पहले ऐसा क्यों नहीं हुआ।

उन्होंने कहा, ‘‘मुंबई के कलिना में अपराध विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) में आज दोपहर मेहता का पॉलीग्राफ टेस्ट किया गया, जिसे झूठ पकड़ने वाली जांच भी कहा जाता है।’’

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में मेहता पहले ऐसे आरोपी हैं, जिनका मुंबई ईओडब्ल्यू ने पॉलीग्राफ टेस्ट किया है।

अधिकारी ने कहा, ‘‘परीक्षण तीन घंटे तक चला और मेहता से 50 सवाल पूछे गए, जो इस मामले में मुख्य आरोपी हैं।’’

उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने एक प्रश्नावली तैयार की थी और फोरेंसिक फिजियोलॉजी विशेषज्ञों ने उनसे सवाल पूछे।

अधिकारी ने कहा, ‘‘परीक्षण रिपोर्ट सोमवार (17 मार्च) से पहले आने की उम्मीद है, और इसे अदालत में पेश किया जाएगा।’’

उन्होंने कहा कि जांचकर्ता उन खास सवालों पर मेहता के जवाब का आकलन करेंगे, जो जांच में बिंदुओं को जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण हैं। 122 करोड़ रुपये के गबन मामले की जांच कर रही ईओडब्ल्यू टीम ने चार वांछित आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

उन्होंने कहा कि इनमें से बैंक के पूर्व अध्यक्ष हिरेन भानु और उनकी पत्नी गौरी भानु पहले ही देश से भाग चुके हैं।

अधिकारी ने कहा, ‘‘चूंकि जांच जारी है, इसलिए पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) के नेतृत्व में ईओडब्ल्यू की टीम आरबीआई का दौरा करेगी और आने वाले दिनों में वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेगी।’’

अधिकारी ने कहा कि जांचकर्ता यह पूछेंगे कि न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक का आरबीआई निरीक्षण 12 फरवरी को क्यों किया गया, उससे पहले क्यों नहीं।

उन्होंने कहा कि बैंक की पूर्व उपाध्यक्ष और ट्रस्टी गौरी भानु 10 फरवरी को देश छोड़कर चली गईं, जबकि हितेन भानु 26 जनवरी को भाग गया।

उन्होंने कहा, ‘‘ईओडब्ल्यू जांच करेगी कि क्या भानु को आरबीआई टीम के निरीक्षण के बारे में कोई जानकारी थी।’’

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