देश की खबरें | आरएसएस की ओर से असम में लाया गया नया मवेशी विधेयक : कांग्रेस
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गुवाहाटी, 13 जुलाई कांग्रेस ने मंगलवार को आरोप लगाया कि असम में मवेशियों के वध संबंधी नया विधेयक भाजपा की उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लाये गए उस अध्यादेश की ‘हूबहू नकल’ है, जो आरएसएस की ओर से अनावश्यक रूप से आगे बढ़ाया गया था।
पार्टी के वरिष्ठ नेता गौरव गोगोई ने यह दावा भी कि इस विधेयक का मकसद कोविड महामारी के दौरान दिखी सरकार की विफलताओं पर पर्दा डालना है।
उन्होंने कहा, ‘‘विधेयक के सभी प्रमुख प्रावधान पहले से ही 1950 के कानून में मौजूद हैं। अगर जरूरत थी तो उसमें संशोधन क्यों नहीं किया गया और उसे उचित ढंग से लागू क्यों नहीं किया गया?’’
गौरव ने यह भी कहा कि गो-तस्करी को रोकने के लिए सरकार को किसी नये कानून की जरूरत नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘यह उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार की ओर से लाए गए गो संरक्षण संबंधी अध्यादेश की हूबहू नकल है। यह विधेयक मुख्यमंत्री ने आरएसएस की ओर से पेश किया है।’’
गौरतलब है कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्व वाली सरकार ने सोमवार को राज्य विधानसभा में एक विधेयक पेश किया, जिसका उद्देश्य राज्य के उन हिस्सों में मवेशी का वध और बिक्री पर रोक लगाना है जहां हिंदू, जैन और सिख अधिक संख्या में हैं।
इस विधेयक में उचित दस्तावेज के अभाव में मवेशियों के एक जिले से दूसरे जिले और असम के बाहर परिवहन को भी अवैध बनाने का प्रस्ताव है। नए प्रस्तावित कानून-असम मवेशी संरक्षण विधेयक 2021 के तहत अपराध गैर-जमानती होंगे।
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