जरुरी जानकारी | प्रतिस्पर्धी विनिर्माण केंद्रों पर उच्च अमेरिकी शुल्क से भारत के लिए पैदा होंगे नए अवसरः एमएआईटी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी हार्डवेयर उद्योग निकाय सूचना प्रौद्योगिकी विनिर्माता संघ (एमएआईटी) ने शुक्रवार को कहा कि भारतीय उत्पादों पर अमेरिका में 26 प्रतिशत सीमा शुल्क लगाए जाने से कुछ बाधाएं पैदा हो सकती हैं लेकिन प्रतिस्पर्धी देशों पर अपेक्षाकृत अधिक शुल्क होने से हालात भारत के पक्ष में भी बन सकते हैं।
नयी दिल्ली, चार अप्रैल इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी हार्डवेयर उद्योग निकाय सूचना प्रौद्योगिकी विनिर्माता संघ (एमएआईटी) ने शुक्रवार को कहा कि भारतीय उत्पादों पर अमेरिका में 26 प्रतिशत सीमा शुल्क लगाए जाने से कुछ बाधाएं पैदा हो सकती हैं लेकिन प्रतिस्पर्धी देशों पर अपेक्षाकृत अधिक शुल्क होने से हालात भारत के पक्ष में भी बन सकते हैं।
अमेरिकी सरकार की व्यापक शुल्क कार्रवाई के तहत चीन जैसे विनिर्माण केंद्रों पर 54 प्रतिशत, वियतनाम पर 46 प्रतिशत तथा थाइलैंड पर 36 प्रतिशत शुल्क लगाया जा रहा है।
सूचना प्रौद्योगिकी विनिर्माता संघ (एमएआईटी) ने कहा कि अमेरिका को भारत के सात अरब डॉलर के स्मार्टफोन निर्यात पर व्यापार नीतियों के कारण कुछ दबाव पड़ सकता है, लेकिन वास्तविक लाभ प्रतिस्पर्धी देशों पर लगाए गए तुलनात्मक शुल्कों में निहित है।
इसने कहा, ‘‘अमेरिकी व्यापार बाधाएं सैद्धांतिक रूप से भारत के निर्यात की मात्रा को कम कर सकती हैं। लेकिन चीन और वियतनाम पर उच्च जवाबी शुल्क भारतीय विनिर्माताओं के लिए तुलनात्मक रूप से लाभ की स्थिति पैदा करते हैं। यह विसंगति भारत के पक्ष में है जिससे इसके निर्यात तुलनात्मक रूप से अधिक आकर्षक हो जाते हैं।’’
उद्योग निकाय ने कहा कि भारत में स्मार्टफोन की आपूर्ति न केवल बनी रहेगी, बल्कि इसमें वृद्धि भी हो सकती है क्योंकि आपूर्ति श्रृंखलाएं अधिक शुल्क वाले विकल्पों से बचने के लिए नए सिरे से संयोजित की जा रही हैं।
अमेरिका वित्त वर्ष 2021-22 से 2023-24 तक भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार रहा। भारत के कुल वस्तु निर्यात में अमेरिका की हिस्सेदारी करीब 18 प्रतिशत, आयात में 6.22 प्रतिशत और द्विपक्षीय व्यापार में 10.73 प्रतिशत रही।
इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में दोनों देशों के बीच व्यापार 470 से अधिक उत्पाद कोड के तहत होता है।
वित्त वर्ष 2023-24 में अमेरिका को भारत का इलेक्ट्रॉनिक निर्यात करीब 10 अरब डॉलर था, जबकि इसी अवधि में अमेरिका से भारत में आयात लगभग 3.17 अरब डॉलर था।
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