नेतन्याहू ने कहा, पश्चिमी तट पर इज़राइली संप्रभुता की प्रतिज्ञा के साथ शपथ लेगी नयी सरकार
नेतन्याहू (70) ने बुधवार को राष्ट्रपति रुवन रिवलिन और ब्लू एंड व्हाइट पार्टी के अध्य्क्ष बेनि गांट्ज को भेजे पत्रों में सरकार बनाने में सफलता की औपचारिक रूप से घोषणा की थी। गांट्ज अस्थायी तौर पर नेसेट (इज़राइली संसद) के अध्यक्ष के तौर पर काम कर रहे हैं।
यरुशलम, 17 मई इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को घोषणा की कि उनके नेतृत्व वाली नयी सरकार “यहूदीवाद के इतिहास में एक नया गरिमापूर्ण अध्याय लिखने के लिये” पश्चिमी तट पर इज़राइली संप्रभुता की प्रतिज्ञा के साथ शपथ लेगी।
नेतन्याहू (70) ने बुधवार को राष्ट्रपति रुवन रिवलिन और ब्लू एंड व्हाइट पार्टी के अध्य्क्ष बेनि गांट्ज को भेजे पत्रों में सरकार बनाने में सफलता की औपचारिक रूप से घोषणा की थी। गांट्ज अस्थायी तौर पर नेसेट (इज़राइली संसद) के अध्यक्ष के तौर पर काम कर रहे हैं।
शपथ ग्रहण से पहले नेतन्याहू ने कहा, “यह इज़राइली कानून को लागू करने और यहूदीवाद के इतिहास में एक और गौरवपूर्ण अध्याय लिखने का वक्त है।” नेतन्याहू पिछले साल जुलाई में देश में सबसे ज्यादा वक्त तक प्रधानमंत्री रहने वाले नेता बने थे।
सरकार को बृहस्पतिवार को शपथ लेनी थी लेकिन सत्ताधारी लिकुड पार्टी में मंत्री पद को लेकर मची खींचतान की वजह से इसे टालना पड़ा।
गठबंधन के समझौते के तहत सत्ता की साझीदारी पर बनी सहमति के मुताबिक नयी सरकार में 18 महीने बाद नेतन्याहू पद छोड़ देंगे और 17 नवंबर 2021 को गांट्ज प्रधानमंत्री का पद संभालेंगे।
उसके बाद नेतन्याहू का पद “वैकल्पिक प्रधानमंत्री” का होगा। यह पद फिलहाल रक्षा मंत्रालय के साथ गांट्ज के पास होगा।
पश्चिमी तट पर इज़राइली संप्रभुता को लेकर नेतन्याहू ने कहा, “समय आ गया है कि जो इज़राइली जमीन पर हमारे अधिकारों के औचित्य में विश्वास करता है, वह एक ऐतिहासिक प्रक्रिया को एक साथ लाने के लिए मेरे नेतृत्व वाली सरकार में शामिल हो।”
उन्होंने कहा कि यह मुद्दा “एजेंडे में है” सिर्फ इसलिये क्योंकि मैंने इस पर व्यक्तिगत रूप से काम किया। उन्होंने कहा कि तीन साल तक उन्होंने सार्वजनिक तौर पर और पर्दे के पीछे इस पर जोर दिया।
फलस्तीन के साथ शांति समझौते के प्रयासों पर इससे किसी तरह का प्रभाव पड़ने की आशंका को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि इसके विपरीत इससे शांति समझैते को बढ़ावा मिलेगा।
इज़राइल का करीबी सहयोगी अमेरिका भी इस प्रस्ताव के समर्थन में है।
यूरोपीय संघ की विदेश नीति के प्रमुख जोसफ बोरेल ने शुक्रवार को कहा था कि संघ इज़राइल को इस कदम पर आगे बढ़ने से रोकने के लिये “अपनी सभी कूटनीतिक क्षमताओं” का इस्तेमाल करेगा।
नेतन्याहू और पूर्व सेना प्रमुख गांट्ज ने पिछले महीने कहा था कि वे कोरोना वायरस संकट और गिरती अर्थव्यवस्था को संभालने तथा चौथे चुनाव को टालने के लिये अपने मतभेदों को दरकिनार कर साथ आ रहे हैं।
नेतन्याहू जब बोल रहे थे तो विपक्षी सदस्य उन पर टीका-टिप्पणी कर रहे थे और “चुनावी धोखा” और “झूठा” जैसे शब्द बोल रहे थे।
सरकार में शुरू में 32 मंत्री होंगे जिनकी संख्या छह महीनों में 36 हो जाएगी।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 17, 2020 09:53 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

