काठमांडू, तीन मार्च नेपाल की विदेश मंत्री आरजू राणा देउबा ने सोमवार को प्रकृति लामसल के माता-पिता से मुलाकात की और उन्हें आश्वासन दिया कि सरकार न्याय सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
ओडिशा के कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (केआईआईटी) में बीटेक (कम्प्यूटर साइंस) की तृतीय वर्ष की छात्रा रही प्रकृति पिछले महीने अपने छात्रावास के कमरे में मृत पाई गई थी।
उसने जिन परिस्थितियों में कथित तौर पर आत्महत्या की उसकी प्राधिकारी जांच कर रहे हैं। ओडिशा के केआईआईटी में करीब 1,000 नेपाली छात्र पढ़ते हैं।
विदेश मंत्री सचिवालय के अनुसार, विदेश मंत्री देउबा और गृह मंत्री रमेश लेखक ने भैरहवा में प्रकृति के घर जाकर उसके अभिभावकों से संवेदना जतायी।
राणा ने प्रकृति के परिवार को भरोसा दिलाया कि नेपाल सरकार न्याय सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि उनके मंत्रालय ने प्रकृति की मौत से जुड़े तथ्यों का पता लगाने और दोषियों को दंडित करने के लिए कूटनीतिक पहल की है। मंत्री ने कहा कि प्रकृति को न्याय मिलेगा।
उन्होंने ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के साथ टेलीफोन पर हुई अपनी बातचीत को भी याद किया। उन्होंने उनसे तथ्यों का पता लगाकर दोषी को दंडित करने और केआईआईटी में पढ़ रहे नेपाली छात्रों की पढ़ाई फिर से शुरू करने का आग्रह किया।
राणा ने कहा कि ओडिशा के मुख्यमंत्री ने कहा है कि उन्होंने मामले को गंभीरता से लिया है और घटना की सच्चाई का पता लगाने और प्रकृति को न्याय दिलाने के लिए काम शुरू हो गया है।
उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय ओडिशा सरकार, विश्वविद्यालय प्रशासन और भारतीय सुरक्षा एजेंसी के साथ इस मामले में करीबी संपर्क बनाए रखकर काम कर रहा है।
घटना के बाद कॉलेज में पढ़ रहे नेपाली छात्रों ने घटना की जांच की मांग करते हुए एक विरोध रैली का आयोजन किया था।
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