चेन्नई, 12 मार्च तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने बुधवार को आरोप लगाया कि नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) एक भगवा नीति है, जिसका मकसद हिंदी को बढ़ावा देना है।
उन्होंने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) संसदीय क्षेत्रों के प्रस्तावित परिसीमन के जरिये अपने दबदबे वाले उत्तरी राज्यों में सीटों की संख्या बढ़ाकर अपनी सत्ता बनाए रखने की कोशिश कर रही है।
स्टालिन ने केंद्र सरकार की निंदा करने के लिए आयोजित एक जनसभा में आरोप लगाया कि भाजपा अपने दबदबे वाले राज्यों में अपने सांसदों की संख्या बढ़ाने तथा इस तरह पार्टी को और मजबूत करने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) भाजपा के इस प्रयास को विफल कर देगी।
स्टालिन ने कहा, ‘‘हम एनईपी 2020 का विरोध करते हैं, क्योंकि यह शिक्षा क्षेत्र में तमिलनाडु की प्रगति को पूरी तरह से नष्ट कर देगी।’’
उन्होंने दावा किया कि एनईपी ‘‘आरक्षण को स्वीकार नहीं करती, जो सामाजिक न्याय है।’’
द्रमुक प्रमुख ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार व्यावसायिक शिक्षा के नाम पर जाति आधारित शिक्षा लागू करने का प्रयास कर रही है।
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