देश की खबरें | एनईईटी परीक्षा विवरणिका में दिव्यांग छात्रों के लिए खंड शामिल होने चाहिए : न्यायालय

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नयी दिल्ली, 18 नवंबर उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश सह परीक्षा (एनईईटी) परीक्षा विवरणिका में दिव्यांग प्रतिभागियों के लिए एक विशिष्ट खंड होना चाहिए ताकि यह दिखाया जा सके कि उन्हें क्या लाभ उपलब्ध हैं।

शीर्ष अदालत ने कहा कि राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) को परीक्षा केंद्रों में जमीनी स्तर पर मौजूद अपने पर्यवेक्षकों को भी प्रशिक्षित करना चाहिए कि उन्हें दिव्यांग छात्रों के साथ कैसे व्यवहार करना चाहिए।

न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ और एएस बोपन्ना की पीठ ने डिस्ग्राफिया से पीड़ित एक छात्रा की याचिका पर सुनवाई करते हुए टिप्पणी की। छात्रा की शिकायत थी कि उसे प्रश्नों का प्रयास करने के लिए एक घंटे का अतिरिक्त समय नहीं दिया गया और उसकी उत्तर पुस्तिका को निरीक्षक ने छीन लिया।

छात्रा ने याचिका में इसकी भरपाई के लिये फिर से परीक्षा या गलत उत्तरों के मामले में अनुग्रह अंक या कोई नकारात्मक अंकन नहीं किए जाने का अनुरोध किया।

राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी की ओर से पेश अधिवक्ता रूपेश कुमार ने कहा कि वह केवल परीक्षा आयोजित करता है और परिणाम घोषित करता है तथा जमीनी स्तर पर उसका अधिक नियंत्रण नहीं है।

उन्होंने कहा, “हमने पर्यवेक्षकों के लिए वेबिनार आयोजित किया है, लेकिन फिर भी जमीनी स्तर पर, स्थिति कभी-कभी असहनीय होती है।” उन्होंने कहा कि परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया गया है।

कुमार ने कहा कि एक उम्मीदवार के लिए फिर से परीक्षा आयोजित करना या उसके अनुग्रह अंक प्रदान करना मुश्किल है क्योंकि उसके बाद पूरी मेरिट सूची को बदलना होगा।

शीर्ष अदालत ने माना कि यह देखते हुए कि 16 लाख छात्रों परीक्षा में शामिल हुए हैं ऐसे में एक छात्र के लिए फिर से परीक्षा का आदेश देना उचित नहीं होगा।

छात्रा की ओर से पेश अधिवक्ता ऋषभ विद्यार्थी ने कहा कि उसने अपनी कक्षा 10 और 12 की परीक्षाओं में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हैं और अदालत की कलम के एक झटके से उसका भविष्य बदल सकता है।

पीठ ने कहा, “ये शक्तियां बड़ी जिम्मेदारियों के साथ आती हैं। हम भोजन अवकाश के दौरान इस मामले पर चर्चा कर रहे थे लेकिन आप देख सकते हैं कि कई अनदेखे छात्र हैं, जो अदालत के सामने नहीं हैं, अगर हम कोई राहत देते हैं तो वे प्रभावित हो सकते हैं।”

पीठ ने कहा कि वह याचिका पर आदेश पारित करेगी और एनटीए व एनईईटी को विकलांग छात्रों के लिए परीक्षा विवरणिका में एक विशिष्ट खंड को शामिल करने के लिए कहेगी और उन्हें पर्यवेक्षकों को उचित रूप से प्रशिक्षित करने के लिए भी कहेगी।

पीठ ने इस मामले में दोनों पक्षों के वकीलों से शुक्रवार शाम तक अपना प्रतिवेदन दाखिल करने को कहा है।

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