देश की खबरें | नीट विवादः बिहार पुलिस को एनटीए से संदर्भ प्रश्न पत्र मिले, आरोपियों का हो सकता है ‘नार्को टेस्ट’
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) से नीट-यूजी 2024 के संदर्भ प्रश्न पत्र प्राप्त किए हैं, जिनकी पिछले महीने पटना में तलाशी के दौरान एक फ्लैट से बरामद किए गए कागजातों से तुलना की जाएगी। सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
पटना/देवघर, 22 जून बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) से नीट-यूजी 2024 के संदर्भ प्रश्न पत्र प्राप्त किए हैं, जिनकी पिछले महीने पटना में तलाशी के दौरान एक फ्लैट से बरामद किए गए कागजातों से तुलना की जाएगी। सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने कहा कि वह इस मामले में आरोपियों का ‘‘नार्को टेस्ट’’ और ‘‘ब्रेन मैपिंग’’ कराने की संभावना भी तलाश रही है।
सूत्रों ने बताया कि ईओयू के अधिकारियों ने शनिवार को दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और अन्य संबंधित शाखाओं के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अपनी जांच से जुड़े मामले के कुछ तथ्यात्मक पहलुओं पर चर्चा की।
बिहार पुलिस ने इस मामले के सिलसिले में झारखंड के देवघर जिले से छह लोगों को हिरासत में लिया है।
ईओयू के एक सूत्र ने बताया, “हमने पिछले महीने जांच शुरू करने के बाद एनटीए से संदर्भ प्रश्नपत्र मांगे थे। आखिरकार उन्होंने कार्रवाई की। हम इन प्रश्नपत्रों का मिलान पिछले महीने पटना के एक फ्लैट से जब्त किए गए आंशिक रूप से जले हुए प्रश्नपत्रों से करेंगे। यह काम इन दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच से पहले किए जाने की संभावना है।”
पुलिस मामले में गिरफ्तार सभी आरोपियों के कॉल रिकॉर्ड का भी विश्लेषण कर रही है और उसके आधार पर और लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।
सूत्र ने कहा, “अधिकारियों समेत कुछ ऐसे व्यक्तियों को भी स्पष्टीकरण के लिए बुलाया जाएगा, जो कुछ राजनेताओं से जुड़े हैं।”
बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शुक्रवार को कहा था कि वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अनुरोध करेंगे कि वह मुख्य संदिग्ध के राजद नेता तेजस्वी यादव से जुड़े अधिकारियों के साथ संदिग्ध संबंधों की सीबीआई जांच की सिफारिश करें। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए यादव ने कहा कि दो अन्य गिरफ्तार आरोपियों के साथ भाजपा के “संबंधों” की भी जांच होनी चाहिए।
ईओयू के एक अन्य सूत्र ने बताया कि ईडी इस मामले की जांच धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत कर सकती है।
सूत्र ने कहा, “केंद्रीय एजेंसी अपराध से अर्जित आय की पहचान करने और आरोपियों या संदिग्धों की संपत्तियों को कुर्क करने की कार्यवाही शुरू कर सकती है।”
इस घटनाक्रम पर टिप्पणी करते हुए बिहार के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अभयानंद ने ‘पीटीआई-’ से कहा, “इसमें कोई संदेह नहीं है कि नीट-यूजी 2024 परीक्षा में गंभीर अपराध किए गए हैं। प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि पेपर लीक हुआ था... अब तक एकत्र किए गए साक्ष्य भी पेपर लीक होने का संकेत देते हैं। मामले की जांच पीएमएलए के प्रावधानों के तहत की जानी चाहिए क्योंकि इसमें काला धन शामिल है।”
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