गेस रिसाव जैसे हादसों से बचने को एनडीएमए ने उद्योगों को फिर से खोलने के दिशानिर्देश जारी किए
सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भेजे संदेश में एनडीएमए ने कहा कि कई हफ्तों तक लॉकडाउन और उद्योग बंद रहने के कारण ऐसा हो सकता है कि कुछ संचालक पहले से स्थापित मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) का पालन नहीं कर रहे हों।
नयी दिल्ली, 10 मई विशाखापत्तनम में एक कारखाने में गैस रिसाव की घटना के बाद राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने लॉकडाउन के बाद उद्योगों को फिर से खोलने और कामगारों के साथ-साथ संयंत्रों की सुरक्षा के लिए उठाए जाने वाले एहतियाती कदमों के लिए विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए हैं।
सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भेजे संदेश में एनडीएमए ने कहा कि कई हफ्तों तक लॉकडाउन और उद्योग बंद रहने के कारण ऐसा हो सकता है कि कुछ संचालक पहले से स्थापित मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) का पालन नहीं कर रहे हों।
ऐसे में हो सकता है कि विनिर्माण संयंत्रों, पाइपलाइनों, वॉल्व आदि में कुछ रसायन बचा हो जिससे जोखिम पैदा हो सकता है। कुछ यही बात नुकसान पहुंचाने वाले रसायनों और आग पकड़ने वाली सामग्री की भंडारण सुविधाओं के साथ भी लागू होती है।
एनडीएमए के दिशानिर्देशों में कहा गया है कि उद्योगों के संचालन संबंधी सुरक्षा के सभी प्रोटोकॉल सुनिश्चित करने के बाद पहले हफ्ते में प्रायोगिक तौर पर काम शुरू किया जाना चाहिए।
इसमें कहा गया है कि कंपनियों को लॉकडाउन के बाद पहले ही हफ्ते से अधिक उत्पादन के लक्ष्यों को हासिल करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। कारखाना परिसरों को चौबीसों घंटे सैनिटाइज रखना चाहिए।
दिशानिर्देशों में कहा गया है कि कारखाना परिसरों को प्रत्येक दो-तीन घंटे बाद सैनिटाइज किया जाना चाहिए। विशेष रूप से भोजन के स्थल और मेजों को। प्रत्येक बार इस्तेमाल के बाद इन्हें कीटाणुनाशक से साफ किया जाना चाहिए।
इनमें कहा गया है कि इसके अलावा कामगारों के रहने के स्थान को नियमित रूप से सैनिटाइज किया जाना चाहिए जिससे उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। जोखिम को कम करने के लिए यह जरूरी है कि कर्मचारी जिन विशेष उपकरणों पर काम कर रहे हैं उन्हें सैनिटाइज किया जाए। साथ ही उन्हें किसी असामान्य स्थिति मसलन आवाज या दुर्गंध, लीकेज या किसी तरह के कंपन आदि के बारे में जागरूक किया जाए।
एनडीएमए ने कहा कि औद्योगिक इकाइयों को सफलतापूर्वक दोबारा शुरू करने और जोखिम को कम करने के लिए इन दिशानिर्देशों का पूरी तरह अनुपालन किया जाना चाहिए।
आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में सात मई को एक कारखाने में गैस रिसने से 11 लोगों को जान गंवानी पड़ी। इस हादसे में करीब 1,000 लोग बीमार हुए। सरकार द्वारा राष्ट्रव्यापी बंद 3.0 के दौरान अंकुशों में कुछ ढील देते हुए औद्योगिक इकाइयों को परिचालन की अनुमति दी गई है। इस कारखाने में भी बंद के बाद परिचालन शुरू हुआ था।
एनडीएमए के दिशानिर्देशों में कहा या है कि जब बंद के दौरान प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया जाता तो ऊर्जा के कई स्रोत खतरनाक साबित हो सकते है। इससे इन इलेक्ट्रकिल, मैकेनिकल या रसायन वले उपकरणों पर काम कर रहे कामगारों या निरीक्षकों को जोखिम हो सकता है। यदि इन उपकरणों का समय-समय पर रखरखाव नहीं किया जाता है तो ये परिचालकों या इंजीनियरों के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं।
दिशानिर्देशों में कहा गया है कि सुरक्षा संहिता का सही से पालन नहीं करने और रसायनों की लेबलिंग सही नहीं होने से स्वास्थ्य को गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। ऐसे में यदि कोई अप्रत्याशित घटना होती है तो उससे तेजी से निपटना चुनौतीपूर्ण होता है।
एनडीएमए ने कहा है कि विनिर्माण प्रक्रिया शुरू करने से पहले पूरी इकाई का सुरक्षा ऑडिट किया जाना चाहिए।
एनडीएमए ने कहा कि इस तरह के हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए यह जरूरी है कि परिचालन शुरू करने से पहले संयंत्र में सुरक्षा संबंधी सभी प्रक्रियाओं का अनुपालन सुनिश्चित हो।
एनडीएमए ने कहा है कि सभी कर्मचारियों के शरीर के तापमान की दिन में दो बार जांच की जानी चाहिए। किसी कर्मचारी में यदि वायरस के संक्रमण के कोई लक्षण हों, तो उसे काम पर नहीं आना चाहिए। सभी कर्मचारियों को हैंड सैनिटाइजर और मास्क उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 मार्च को 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा की थी। बाद में इसे 19 दिन और बढ़ाया गया था। अब इसे दो सप्ताह और बढ़ाकर 17 मई तक कर दिया गया है।
अजय
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(The above story first appeared on LatestLY on May 10, 2020 11:54 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

