जरुरी जानकारी | एनडीबी बैंक ने मुंबई मेट्रो, दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस परियोजना के लिये कर्ज की मंजूरी दी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. ब्रिक्स देशों के नव विकास बैंक (एनडीबी) ने मुंबई मेट्रो के लिये 24.1 करोड़ डॉलर और दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रिजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) परियोजना के लिये 50 करोड़ डॉलर के कर्ज की मंजूरी दी है।
बीजिंग, 30 सितंबर ब्रिक्स देशों के नव विकास बैंक (एनडीबी) ने मुंबई मेट्रो के लिये 24.1 करोड़ डॉलर और दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रिजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) परियोजना के लिये 50 करोड़ डॉलर के कर्ज की मंजूरी दी है।
ब्रिक्स देशों (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका) द्वारा गठित शंघाई स्थित बैंक ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि दोनों ऋणों को एनडीबी के निदेशक मंडल ने मंजूरी दे दी है।
मुंबई मेट्रो रेल दो परियोजना के लिये 24.1 करोड़ डॉलर का कर्ज का उपयोग मेट्रो रेल लाइन- छह के क्रियान्यवयन में किया जाएगा। इसकी लंबाई करीब 14.47 किलोमीटर है।
मुंबई मेट्रो रेल- दो परियोजना का मकसद शहर में यातायात की स्थिति को बेहतर बनाना है।
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परियोजना का क्रियान्वयन बृहन मुंबई क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण करेगा।
बयान के अनुसार एनडीबी मुंबई में मेट्रोल लाइन के क्रियान्वयन में सहायता कर रहा है। एनडीबी ने 58 किलोमीटर (लाइन 2 और लाइन 7) के वित्त पोषण की मंजूरी नवंबर 2018 में दी थी।
इसके अलावा एनडीबी निदेशक मंडल ने दल्लिी-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस परियोजना के लिये 50 करोड़ डॉलर के कर्ज की भी मंजूरी दी है।
इस ऋण का उपयोग राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम लि. (एनसीआरटीसी) तीव्र रेल गलियारा के विकास के लिये करेगा। यह गलियारा दिल्ली को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद और मेरठ से जोड़ेगा।
आरआरटीएस की कुल लंबाई 82.15 किलोमीटर होगी। इसमें 14.12 किलोमीटर भूमिगत और 68.03 किलोमीटर ऊपर उठा हुआ होगा। इसमें 25 स्टेशन होंगे।
इसे इस रूप से तैयार किया जा रहा है कि इस पर 180 किलोमीटर की रफ्तार से ट्रेन चल सकेगी। अधिकतम परिचालन गति 160 किलोमीटर होगी। इससे दिल्ली से मेरठ की यात्रा 60 मिनट में की जा सकेगी।
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