देश की खबरें | एनसीडब्ल्यू ने मालदा, मुर्शिदाबाद में महिलाओं से कोरे कागजों पर हस्ताक्षर करवाये: टीएमसी नेता

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नयी दिल्ली, 21 अप्रैल तृणमूल कांग्रेस नेताओं ने सोमवार को राष्ट्रीय महिला आयोग पर निशाना साधते हुए उसे ‘‘भाजपा की महिला शाखा’’ करार दिया और इसकी निष्पक्षता पर सवाल उठाया।

तृणमूल नेताओं ने राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर के नेतृत्व में एक दल के पश्चिम बंगाल में हिंसा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किये जाने पर आयोग पर निशाना साधा।

पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ टीएमसी ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय महिला आयोग संदेशखलि तरीका अपना रहा है और आरोप गढ़ने के प्रयास में महिलाओं से कोरे कागजों पर हस्ताक्षर करवाए जा रहे हैं।

एनसीडब्ल्यू की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी।

टीएमसी की राज्यसभा सदस्य सागरिका घोष ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘एनसीडब्ल्यू को पिछली बार संदेशखलि में बलात्कार के झूठे आरोपों को लेकर महिलाओं को कोरे कागज पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर करते हुए देखा गया था, अब वैसा ही मालदा/मुर्शिदाबाद में हो रहा है। आगे और भी कोरे कागज आएंगे?’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसके अतिरिक्त, एनसीडब्ल्यू सदस्य अर्चना मजूमदार 2021 के बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार के रूप में खड़ी हुईं और हार गईं। क्या हम वास्तव में भाजपा महिला इकाई, माफ कीजिए, एनसीडब्ल्यू से एक वस्तुनिष्ठ 'रिपोर्ट' की उम्मीद करते हैं?’’

टीएमसी की लोकसभा सदस्य डोला सेन ने भी कुछ इसी तरह की बात कही।

सेन ने एक बयान में कहा, ‘‘पिछली बार जब राष्ट्रीय महिला आयोग ने बंगाल का दौरा किया था, तो उन्होंने भाजपा के निर्देश पर बलात्कार के आरोप गढ़ने के लिए संदेशखलि की महिलाओं को कोरे कागजों पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया था। अब उनका ध्यान मालदा और मुर्शिदाबाद पर केंद्रित हो गया है।’’

पिछले साल संदेशखलि में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेताओं के खिलाफ यौन शोषण के आरोप सामने आए थे, लेकिन पार्टी प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे राज्य को बदनाम करने की भाजपा की साजिश करार दिया था।

उन्होंने कहा, ‘‘कलम तैयार है। ऑर्डर आ चुका है। श्वेतपत्र 2.0 पर काम जारी है। इसका मसौदा भाजपा-आरएसएस ने तैयार कर लिया है। महिलाओं से कोरे कागज पर हस्ताक्षर क्यों कराए गए? हम इसका जवाब चाहते हैं।’’

राष्ट्रीय महिला आयोग अध्यक्ष के नेतृत्व में आयोग के एक दल ने पश्चिम बंगाल के मालदा और मुर्शिदाबाद जिलों के उन क्षेत्रों का तीन दिवसीय दौरा किया, जो वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा से प्रभावित हुए थे।

रविवार को कोलकाता में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए रहाटकर ने पश्चिम बंगाल सरकार से दंगों से प्रभावित लोगों की शिकायतों को दूर करने के लिए "तत्काल कार्रवाई" करने का आग्रह किया।

रविवार को दौरे के समापन पर उन्होंने कहा कि आयोग एक रिपोर्ट तैयार करेगा जिसे केंद्र को सौंपा जाएगा और इसकी प्रतियां जल्द ही पश्चिम बंगाल पुलिस महानिदेशक और राज्य के मुख्य सचिव को भेजी जाएंगी।

रहाटकर ने कहा कि प्रभावित परिवारों द्वारा झेली गई यातना और पीड़ा "कल्पना से परे है, जिसने उनके मन में एक गहरा घाव छोड़ा है जिसे मानवीय दृष्टिकोण के साथ तत्काल ठीक करने की आवश्यकता है।’’

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