जरुरी जानकारी | एनसीएलटी ने ओवरनाइट एक्सप्रेस के परिसमापन का आदेश दिया
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नयी दिल्ली, 18 सितंबर राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने कर्जदाता डॉयचे बैंक की अर्जी मंजूरी करते हुए सोमवार को ओवरनाइट एक्सप्रेस के परिसमापन का आदेश दे दिया।
डॉयचे बैंक ने कर्ज में डूबी कंपनी ओवरनाइट एक्सप्रेस के निलंबित निदेशक मंडल के एक सदस्य की तरफ से पेश कर्ज समाधान प्रस्ताव का विरोध किया था। उसके अनुरोध को एनसीएलटी ने स्वीकार करते हुए कंपनी के परिसमापन का आदेश दे दिया।
ओवरनाइट एक्सप्रेस पर कुल 10.82 करोड़ रुपये का बकाया कर्ज था। इसमें से छह करोड़ रुपये का बकाया डॉयचे बैंक का था।
हालांकि, दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता संहिता में कर्जदार कॉरपोरेट फर्म के प्रवर्तकों को कर्ज समाधान प्रस्ताव रखने से प्रतिबंधित किया गया है लेकिन एमएसएमई को इस नियम से छूट मिली हुई है। इसी प्रावधान का हवाला देते हुए ओवरनाइट एक्सप्रेस के एक प्रवर्तक ने समाधान योजना पेश की थी।
लेकिन एनसीएलटी की दो-सदस्यीय पीठ ने इसे खारिज करते हुए कहा कि कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया के 330 से अधिक दिन बीत चुके हैं। ऐसे में कर्जदार कंपनी का तत्काल प्रभाव से परिसमापन किया जा रहा है।
इसके साथ ही न्यायाधिकरण ने परिसमापन की प्रक्रिया पूरी करने के लिए तरुण जैन को परिसमापक नियुक्त कर दिया।
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