नयी दिल्ली, 30 मई राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने एक जून से आवश्यक मामलों की आभासी सुनवाई के लिये एक मानक परिचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है।
अपीलीय न्यायाधिकरण ने एक जून से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जरूरी मामलों को सुनने का फैसला किया है। त्वरित मामलों का उल्लेख सहित सभी काम ऑनलाइन किये जायेंगे। कोर्ट फीस भारत कोष के माध्यम से ऑनलाइन जमा की जायेगी।
न्यायाधिकरण ने एक सूचना में कहा, "कोरोना वायरस महामारी (कोविड-19) के प्रसार को रोकने के लिये और सरकार द्वारा जारी किये गये लॉकडाउन से संबंधित विभिन्न निर्देशों व सलाहों पर विचार करने के बाद एनसीएलएटी के कार्यकारी अध्यक्ष ने फैसला किया है कि सभी जरूरी मामलों को एक जून 2020 से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुना जायेगा।’’
त्वरित मामलों के लिये रजिस्ट्रार को आवेदन केवल ई-मेल से भेजा जा सकेगा। यदि मामले को सुनवाई के लिये स्वीकार किया जाता है तो प्रक्रिया के तहत हॉर्ड कॉपी के स्वरूप में दायर करना होगा।
यह भी पढ़े | बिहार: बक्सर के क्वारंटीन सेंटर में युवक की खुराक जानकार सभी दंग, खाता है 40 रोटियां, 10 प्लेट चावल.
उसने कहा, "सभी दोषों को ठीक करने के बाद मामलों को एनसीएलएटी की वेबसाइट पर प्रकाशित होने वाली सूची में सूचीबद्ध किया जायेगा। अदालत शुल्क का भुगतान भारत कोष के माध्यम से किया जायेगा।"
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY