जरुरी जानकारी | एनसीएलएटी ने जी के खिलाफ आईडीबीआई की दिवाला याचिका पर सुनवाई छह दिसंबर तक टाली
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने बुधवार को आईडीबीआई बैंक की जी एंटरटेनमेंट के खिलाफ दिवाला कार्यवाही की अपील संबंधी याचिका पर सुनवाई छह दिसंबर तक के लिए टाल दी।
नयी दिल्ली, आठ नवंबर राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने बुधवार को आईडीबीआई बैंक की जी एंटरटेनमेंट के खिलाफ दिवाला कार्यवाही की अपील संबंधी याचिका पर सुनवाई छह दिसंबर तक के लिए टाल दी।
इस मामले में पेश अधिवक्ता ने दलीलें पूरी करने के लिए स्थगन की अपील की। इसके बाद एनसीएलएटी की तीन सदस्यीय पीठ ने सुनवाई टाल दी।
आईडीबीआई बैंक ने अपनी याचिका में राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की मुंबई पीठ के आदेश को चुनौती दी है, जिसमें 19 मई, 2023 को मीडिया कंपनी के खिलाफ दिवाला याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि इसे दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) की धारा 10ए के तहत प्रतिबंधित किया गया था।
एनसीएलटी पीठ ने अपने आदेश में कहा था कि आईडीबीआई बैंक के मुख्य उधारकर्ता ‘जी लि.’ ने चूक की है।
हालांकि, चूक आईबीसी की धारा 10ए के तहत निर्दिष्ट समयसीमा के दौरान की गई थी।
धारा 10ए में कहा गया है कि 25 मार्च, 2020 को या उसके बाद एक वर्ष की अवधि के लिए उत्पन्न होने वाली किसी भी चूक के लिए किसी भी वित्तीय और परिचालन ऋणदाता द्वारा किसी भी देनदार के खिलाफ कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (सीआईआरपी) शुरू करने के लिए कोई आवेदन दायर नहीं किया जा सकता है।
लॉकडाउन के बाद चरणों में आर्थिक गतिविधियां फिर से शुरू होने के बाद कंपनियों की मदद के लिए सरकार द्वारा आईबीसी में यह एक विशेष प्रावधान डाला गया था।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)