जरुरी जानकारी | एनसीएलएटी ने के एस ऑयल के परिसमापान का आदेश दिया, एनसीएलटी के आदेश को खारिज किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (एलसीएलएटी) ने प्रमुख खाद्य तेल कंपनी के एस ऑयल लिमिटेड की परिसमापान प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है। एनसीएलएटी ने इस संबंध में कंपनी के खिलाफ एनसीएलटी द्वारा पारित आदेश को खारिज कर दिया।
नयी दिल्ली, 17 मार्च राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (एलसीएलएटी) ने प्रमुख खाद्य तेल कंपनी के एस ऑयल लिमिटेड की परिसमापान प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है। एनसीएलएटी ने इस संबंध में कंपनी के खिलाफ एनसीएलटी द्वारा पारित आदेश को खारिज कर दिया।
एनसीएलएटी ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया कि 981 दिन बीत जाने के बाद भी और समाधान पेशेवर द्वारा बार बार परिसमापन प्रक्रिया के अनुपालन की शुरुआत किये जाने के बावजूद एनसीएलटी ने इस पर विचार नहीं किया।
कार्यवाहक चेयरपर्सन न्यायमूर्ति बी एल भट्ट के नेतृत्व वाली दो सदस्यीय एनसीएलएटी की पीठ ने समाधान पेशेवर (आरपी) द्वारा दर्ज की गई अपील को अनुमति दे दी। इस अपील में कहा गया है कि ‘‘मौजूदा स्थिति कॉरपोरेट कर्जधारी कंपनी के एस आयल में परिसमापान की शुरुआत करने के लिये उपयुक्त है।’’
इससे पहले राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की इंदौर पीठ ने कर्ज बोझ में तले इस कंपनी के समाधान पेशेवर के आवेदन को एक जनवरी 2021 को खारिज कर दिया था। समाधान पेशेवर ने के एस आयल के खिलाफ परिसमापन प्रक्रिया की शुरुआत करने का आवेदन किया था। तय समयसीमा के भीतर कंपनी के लिये कोई खरीदार सामने नहीं आने के बाद यह आवेदन किया गया था।
एनसीएलटी ने समाधान पेशेवर की याचिका को 981 दिन बाद खारिज कर दिया था। न्यायाधिकरण ने याचिका को सुनवाई के लायक नहीं पाया। एनसीएलटी के इस फैले को समाधान पेशेवर कुलदीप वर्मा ने एनसीएलएटी के समक्ष चुनौती दी थी।
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