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देश की खबरें | नेकां-कांग्रेस का गठबंधन भाजपा की विभाजनकारी नीतियों से लड़ने की लोगों की इच्छा को दर्शाता है: कर्रा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. जम्मू कश्मीर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने मंगलवार को कहा कि विधानसभा चुनाव के लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन भाजपा की "विभाजनकारी नीतियों" और "खतरनाक मंसूबों" से लड़ने की लोगों की इच्छा को दर्शाता है।

देश की खबरें | नेकां-कांग्रेस का गठबंधन भाजपा की विभाजनकारी नीतियों से लड़ने की लोगों की इच्छा को दर्शाता है: कर्रा

राजौरी/जम्मू, 17 सितंबर जम्मू कश्मीर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने मंगलवार को कहा कि विधानसभा चुनाव के लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन भाजपा की "विभाजनकारी नीतियों" और "खतरनाक मंसूबों" से लड़ने की लोगों की इच्छा को दर्शाता है।

कर्रा ने यह टिप्पणी ऐसे समय की जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस द्वारा नेशनल कॉन्फ्रेंस से हाथ मिलाने की आलोचना कर रही है।

पूर्व मंत्री कर्रा ने जम्मू कश्मीर में अगली सरकार बनाने के भाजपा के दावे को "जुमला" करार दिया और उस पर आरोप लगाया कि उसने यह जानते हुए घाटी में छद्म उम्मीदवार उतारकर "लोकतंत्र का जनाजा" निकाला है कि पार्टी अपने नाम पर वहां चुनाव नहीं जीत सकती।

राजौरी जिले के थानामंडी विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान संवाददाताओं से बातचीत में पूर्व लोकसभा सदस्य कर्रा ने कहा कि नेशनल कान्फ्रेंस-कांग्रेस गठबंधन को लेकर भाजपा दुखी है, जो लोगों की इच्छा से बनाया गया है।

उन्होंने कहा, “हर पार्टी अपने घोषणापत्र पर चुनाव लड़ती है। यहां तक ​​कि गठबंधन में भी, जहां साझेदारों के घोषणापत्र समान नहीं होते, पार्टियां अपने-अपने एजेंडे के साथ लोगों के पास जाती हैं। उन्हें (भाजपा को) नेशनल कान्फ्रेंस के घोषणापत्र की वजह से दर्द हो रहा है।’’

प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के अध्यक्ष कर्रा ने कहा, “उन्हें यही दर्द तब क्यों नहीं हुआ, जब वे (2001-02 में) साथ थे? उस समय नेशनल कॉन्फ्रेंस अच्छी थी, लेकिन आज यह खराब है, क्योंकि पार्टी ने उनसे लड़ने के लिए कांग्रेस के साथ गठबंधन किया है।”

उन्होंने गठबंधन का बचाव करते हुए कहा, “यह सीट बंटवारे या सरकार बनाने के बजाय एक बड़े उद्देश्य के लिए है...यह नेताओं (दो पार्टियों के) का गठबंधन नहीं है, बल्कि लोगों का गठबंधन है। लोग चाहते थे कि समान विचारधारा वाली पार्टियां देश और जम्मू कश्मीर के लिए भाजपा की विभाजनकारी नीतियों और खतरनाक मंसूबों से लड़ने के लिए एकसाथ आएं।”

उन्होंने कहा कि कांग्रेस बार-बार कह रही है, चाहे जम्मू हो या कश्मीर, कि यह चुनाव "गलियों, नालों, सिंचाई या बिजली आपूर्ति के लिए नहीं है, बल्कि यह चुनाव हमारी पहचान, हिंदुओं, मुसलमानों और सिखों के बीच सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने, हमारे संवैधानिक अधिकारों की बहाली के लिए है, जो हमसे छीन लिए गए थे।"

कर्रा ने कहा, "यह चुनाव (जम्मू कश्मीर को) और नुकसान से बचाने के लिए है और हर किसी को, चाहे वह किसी भी पार्टी से हो, अपनी जिम्मेदारी पूरी करनी चाहिए। यह एक ऐसा अवसर है, जहां लोगों को यह समझना चाहिए कि अगर हम इस बार चूक गए, तो इसके अगले 50 से 100 साल तक गंभीर परिणाम होंगे।’’

उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष एवं बनिहाल से पार्टी उम्मीदवार विकार रसूल वानी की नेशनल कान्फ्रेंस नेतृत्व के खिलाफ हालिया टिप्पणी को लेकर गठबंधन में कोई दरार नहीं है।

कर्रा ने कहा, ‘‘उन्होंने (वानी ने) अपनी व्यक्तिगत हैसियत से कुछ टिप्पणियां की थीं और पार्टी ने तुरंत इस पर गंभीरता से ध्यान दिया, उन्हें नोटिस दिया और उन्हें नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के खिलाफ बोलने से परहेज करने को कहा... पार्टी के अध्यक्ष के तौर पर मैं उनके बयान पर खेद जताता हूं और उससे पार्टी को अलग करता हूं।’’

विधानसभा चुनाव के बाद सरकार बनाने के भाजपा के बयान पर उन्होंने कहा कि यह पार्टी का एक और "जुमला" है। उन्होंने कहा, ‘‘वे (भाजपा) कह रहे हैं कि वे कश्मीर में जीतने वाले 10 निर्दलीयों के समर्थन से सरकार बनाएंगे। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि भाजपा लोकतंत्र का जनाजा निकाल रही है।’’

कर्रा ने कहा, ‘‘वे लोकतंत्र के साथ खेल रहे हैं और मैंने इसे 'लोकतांत्रिक तरीके से संचालित निरंकुशता' कहा है।’’

उन्होंने कहा कि भाजपा को पूरी तरह पता है कि वे अपनी पार्टी के नाम पर कश्मीर में एक भी सीट नहीं जीत सकते और इसलिए उन्होंने छद्म उम्मीदवारों को खड़ा किया है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह उनकी हार की खुद की स्वीकारोक्ति है कि वे निर्दलीय उम्मीदवारों के माध्यम से सत्ता में आएंगे। हम हमेशा से यह कहते रहे हैं कि वे छ्द्मों के माध्यम से चुनाव लड़ रहे हैं।’’

आवामी इत्तेहाद पार्टी के अध्यक्ष एवं सांसद इंजीनियर रशीद को अपने उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार करने के लिए अंतरिम जमानत पर तिहाड़ जेल से रिहा किए जाने पर कर्रा ने कहा कि संविधान के अनुसार कोई भी चुनाव लड़ सकता है। कांग्रेस नेता कर्रा ने कहा, ‘‘वह जेल में थे और जमानत मिलना कानून से जुड़ा मामला है। चुनाव मैदान में इतने सारे डॉक्टर और इंजीनियर हैं, तो सिर्फ इस इंजीनियर पर ही ध्यान क्यों दिया जा रहा है...।’’

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(The above story first appeared on LatestLY on Sep 17, 2024 08:54 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).