नाटो के दूतों ने आपातकालीन वार्ता के बाद एक बयान में कहा, ‘‘हम गठबंधन के पूर्वी हिस्से में अतिरिक्त रक्षात्मक जमीनी और वायुसेना, साथ ही अतिरिक्त समुद्री परिसंपत्ति तैनात कर रहे हैं।’’
बयान में कहा गया, ‘‘हमने सभी आकस्मिक स्थिति का जवाब देने के लिए अपने बलों की तैयारी बढ़ा दी है।’’
नाटो के 30 सदस्य देशों में से कुछ यूक्रेन को हथियार, गोला-बारूद और अन्य उपकरणों की आपूर्ति कर रहे हैं। नाटो यूक्रेन के समर्थन में कोई सैन्य कार्रवाई शुरू नहीं करेगा, जो उसका एक करीबी भागीदार है।
संघर्ष के निकटतम देश - एस्टोनिया, लातविया, लिथुआनिया और पोलैंड - नाटो की स्थापना संधि के अनुच्छेद 4 के तहत दुर्लभ परामर्श शुरू करने वालों में शामिल हैं, जो तब किया जा सकता है जब ‘‘क्षेत्रीय अखंडता, राजनीतिक स्वतंत्रता या किसी की (नाटो सदस्यों में से किसी की) सुरक्षा खतरे में होती है।’’
दूतों ने कहा, "हमने सभी सहयोगियों की रक्षा के लिए अपनी रक्षात्मक योजना के अनुरूप, गठबंधन में प्रतिरोधक क्षमता और रक्षा को और मजबूत करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाने का फैसला किया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे कदम एहतियाती, आनुपातिक और गैर-उकसावे वाले हैं।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY