देश की खबरें | पठन पाठन से जुड़ी बाधारहित व्यवस्था बनाएगा राष्ट्रीय डिजिटल शैक्षणिक ढांचा : करवाल
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नयी दिल्ली, आठ सितंबर स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता सचिव अनिता करवाल ने बुधवार को कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल बुनियादी ढांचे को मज़बूत करने और शिक्षकों, छात्रों एवं स्कूलों के लिए पठन पाठन से जुड़ी एक बाधारहित व्यवस्था बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय डिजिटल शैक्षिक ढांचा (एनडीईएआर) की स्थापना की गई है।
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता सचिव अनिता करवाल ने शिक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित ‘शिक्षक पर्व 2021 के अवसर पर ‘शिक्षा में प्रौद्योगिकी : एनडीईएआर’ विषय पर वेबिनार को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा में असमानता खत्म कर, उसे आधुनिक बनाने में राष्ट्रीय डिजिटल शैक्षिक ढांचे की बड़ी भूमिका होने वाली है।
करवाल ने कहा कि जैसे बैंकों के लिये एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) ने बैंकों के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, उसी प्रकार शिक्षा के क्षेत्र में एनडीईएआर की अहम भूमिका होगी । उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि डिजिटल शिक्षा आज वक्त की जरूरत है और शत प्रतिशत नागरिकों को डिजिटल रूप से साक्षर होना चाहिए ।
शिक्षा मंत्रालय में निदेशक रजनीश कुमार ने एक प्रस्तुति देते हुए कहा कि 3 साल के बच्चे से लेकर 23 वर्ष की आयु के युवाओं तक, बड़ी संख्या में छात्र शिक्षण व्यवस्था से अभी भी बाहर हैं । बुनियादी शिक्षा और आंकिकी संबंधी ज्ञान तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हमारे समक्ष चुनौती है ।
उन्होंने कहा कि ऐसे में राष्ट्रीय डिजिटल शैक्षिक ढांचा (एनडीईएआर) की शुरूआत एक अहम कदम है । यह विविध चैनलों, अनेक प्रारूपों एवं पठन पाठन की व्यवस्था को एक साथ जोड़कर स्कूलों में, स्कूलों के बाद, सामुदायिक केंद्रों के अलावा घर पर ऑनलाइन या ऑफलाइन, डिजिटल माध्यम से या उपस्थित होकर शिक्षा की बाधारहित प्रणाली प्रस्तुत करता है।
इसमें स्कूली छात्रों, दिव्यांग, स्कूली व्यवस्था से बाहर के बच्चों, स्कूली शिक्षकों एवं उनके प्रशिक्षण पर ध्यान दिया गया है। इसमें सीखने के उद्देश्य से डिजिटल लर्निंग पासबुक तैयार करने की बात कही गई है ।
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