देश की खबरें | राष्ट्रीय मुक्केबाजी चैंपियनशिप के रजत पदक विजेता थाईलैंड ओपन में हिस्सा लेंगे
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नयी दिल्ली, 20 मई भारतीय महिला मुक्केबाज पेरिस ओलंपिक के बाद से अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हैं जिसमें मौजूदा राष्ट्रीय चैंपियन अगले महीने होने वाले विश्व मुक्केबाजी कप में भाग लेंगी जबकि रजत पदक विजेता 24 मई से शुरू होने वाले थाईलैंड ओपन में प्रतिस्पर्धा करेंगी।
पुरुष मुक्केबाजों के लिए भी यही चयन नीति लागू होती है।
भारतीय मुक्केबाजों को पिछले साल एशियाई चैंपियनशिप और स्ट्रैंड्जा मेमोरियल टूर्नामेंट सहित कई प्रमुख प्रतियोगिताओं को छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा था क्योंकि भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) मौजूदा ओलंपिक चक्र में राष्ट्रीय शिविरों में देरी करता रहा और महिलाओं की राष्ट्रीय चैंपियनशिप को बार-बार स्थगित करता रहा।
पुरुष मुक्केबाजों ने अप्रैल में विश्व मुक्केबाजी कप के साथ अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में वापसी की लेकिन महिला मुक्केबाजों को राष्ट्रीय प्रतियोगिता के आयोजन में देरी के कारण प्रतियोगिताओं से वंचित होना पड़ा। अंतत: राष्ट्रीय चैंपियनशिप मार्च के अंत में आयोजित की गई।
बीएफआई के एक बयान में कहा गया है, ‘‘आठवीं एलीट पुरुष और महिला राष्ट्रीय मुक्केबाजी चैंपियनशिप के रजत पदक विजेताओं को थाईलैंड ओपन अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी टूर्नामेंट 2025 के लिए चुना जाएगा।’’
विश्व मुक्केबाजी कप के लिए ‘‘आठवीं एलीट राष्ट्रीय चैंपियनशिप के स्वर्ण पदक विजेता (रैंक एक) का प्राथमिक चयन किया जाएगा। रजत पदक विजेता (रैंक दो) को रिजर्व के रूप में नामित किया जाएगा।’’
थाईलैंड ओपन बैंकॉक में आयोजित किया जाएगा जबकि दूसरा विश्व मुक्केबाजी कप 30 जून से कजाखस्तान के अस्ताना में होने वाला है।
मामले की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने पीटीआई को बताया, ‘‘विश्व कप में भाग लेने वाले मुक्केबाज टूर्नामेंट से पहले प्रशिक्षण शिविरों में भाग लेंगे। दो प्रतियोगिताओं के लिए दो अलग-अलग मुक्केबाजों का चयन करके हम अपने सभी मुक्केबाजों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव प्रदान करने का प्रयास कर रहे हैं।’’
बीएफआई के चुनाव अनिश्चित काल के लिए स्थगित होने के कारण भारतीय मुक्केबाजी की देखरेख वर्तमान में महासंघ के मामलों के प्रबंधन के लिए विश्व मुक्केबाजी द्वारा गठित एक अंतरिम समिति द्वारा की जा रही है।
छह सदस्यीय समिति में बीएफआई के उपाध्यक्ष नरेंद्र कुमार निरवान, कार्यकारी निदेशक अरुण मलिक, ओलंपियन एल सरिता देवी और सिंगापुर मुक्केबाजी संघ के अध्यक्ष फैरुज मोहम्मद शामिल हैं।
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