नकवी ने वक्फ बोर्ड अध्यक्षों से बात की, अफवाहों को नाकाम करने और लॉकडाउन के पालन पर जोर दिया
गौरतलब है कि देश के विभिन्न राज्यों एवं केन्द्रशासित प्रदेशों के वक्फ बोर्डों के तहत 7 लाख से ज्यादा पंजीकृत मस्जिदें, ईदगाह, दरगाह, इमामबाड़े एवं अन्य धार्मिक-सामाजिक स्थल हैं। केंद्रीय वक्फ परिषद, राज्यों के वक्फ बोर्डों की नियामक संस्था है।
नयी दिल्ली, 16 अप्रैल अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने रमजान के पवित्र महीने में सभी धार्मिक एवं सार्वजनिक स्थलों पर लॉकडाउन (बंद) व सामाजिक मेलजोल से दूरी के नियमों पर प्रभावी ढंग से अमल, घरों पर इबादत और अफवाहों के खिलाफ जागरूकता सुनिश्चित करने के मकसद से बृहस्पतिवार को राज्य वक्फ बोर्डों के अध्यक्षों एवं वरिष्ठ अधिकारियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बातचीत की।
गौरतलब है कि देश के विभिन्न राज्यों एवं केन्द्रशासित प्रदेशों के वक्फ बोर्डों के तहत 7 लाख से ज्यादा पंजीकृत मस्जिदें, ईदगाह, दरगाह, इमामबाड़े एवं अन्य धार्मिक-सामाजिक स्थल हैं। केंद्रीय वक्फ परिषद, राज्यों के वक्फ बोर्डों की नियामक संस्था है।
नकवी ने कहा, ''हमें स्वास्थ्यकर्मियों, सुरक्षा बलों, प्रशासनिक अधिकारियों, सफाई कर्मचारियों से सहयोग करना चाहिए। पृथकवास और पृथक केंद्रों को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों को भी हमें नाकाम करना चाहिए एवं लोगों में जागरूकता पैदा करनी चाहिए।''
उन्होंने अपील की, ''हमें बताना चाहिए कि ऐसे केंद्र; लोगों को, उनके परिवार और समाज को किसी भी तरह के संक्रमण से सुरक्षित करने के लिए हैं। "
नकवी के मुताबिक सभी राज्य वक्फ बोर्डों, धार्मिक-सामाजिक संगठनों से कहा गया है कि फेक न्यूज़ एवं भड़काऊ बातों और अफवाह फ़ैलाने की साजिश से होशियार रहें। भारत में बिना भेदभाव सभी नागरिकों की सेहत-सलामती के लिए काम हो रहा है। अफवाह फैलाने जैसी साजिश कोरोना के खिलाफ देश की सामूहिक जंग को कमजोर करने की कोशिश है।
नकवी ने सभी राज्य वक्फ बोर्डों के अधिकारियों से कहा कि वे रमजान के पवित्र महीने में इबादत, इफ्तार, तराबी एवं अन्य धार्मिक गतिविधियों में केंद्रीय गृह मंत्रालय, राज्य सरकारों एवं वक्फ परिषद के दिशानिर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
मंत्री ने कहा, '' कोरोना के मद्देनजर देश के सभी मंदिरों, गुरुद्वारों, गिरिजाघरों एवं अन्य धार्मिक-सामाजिक स्थलों पर भीड़-भाड़ वाली सभी गतिविधियां रुकी हुई हैं। इसी तरह सभी मस्जिदों एवं अन्य मुस्लिम धार्मिक स्थलों पर किसी भी तरह की भीड़-भाड़ वाली धार्मिक गतिविधि नहीं हो रही है।''
उनके अनुसार कोरोना के कहर के चलते, देश के सभी क्षेत्रों के धर्मगुरुओं, धार्मिक-सामाजिक संगठनों ने रमजान में इबादत, इफ्तार, तराबी एवं अन्य धार्मिक कर्त्तव्य, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए अपने घरों में ही अदा करने की अपील की है।
नकवी ने कहा, ''प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सभी राज्य सरकारों के साथ मिल कर लोगों की सेहत और सलामती के लिए प्रभावी कार्य कर रहे हैं। लोगों के सहयोग ने कोरोना के खिलाफ जंग में भारत को काफी राहत दी है। लेकिन पूरी तरह से विजय तभी पाई जा सकती है जब हम केंद्र एवं राज्य सरकारों के सभी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करते रहेंगे।
नकवी ने अपील की, ''लॉकडाउन का पालन करते हुए हम अपने घरों पर रमजान के सभी फर्ज अंजाम दें और यह दुआ करें कि मेरे हिंदुस्तान एवं संपूर्ण दुनिया के इंसानों को कोरोना के कहर से निजात मिले।''
हक
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 16, 2020 04:17 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

