एजेंसी न्यूज

जरुरी जानकारी | स्थानीय मांग और सस्ते भाव पर बिकवाली नहीं होने से सरसों, सोयाबीन तेल कीमतों में सुधार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सस्ते आयातित तेलों की मांग बढ़ने से स्थानीय तेल तिलहन बाजार में शुक्रवार को सोयाबीन डीगम सहित सोयाबीन के अन्य तेलों में सुधार देखा गया। वहीं दूसरी तरफ सहकारी संस्था नाफेड तिलहन उत्पादक किसानों के हित को ध्यान में रखते हुये घटे भाव पर मंडी में सरसों नहीं निकाल रही है। ऐसे में माल की तंगी से सरसों तेल में सुधार का रुख रहा।

जरुरी जानकारी | स्थानीय मांग और सस्ते भाव पर बिकवाली नहीं होने से सरसों, सोयाबीन तेल कीमतों में सुधार

नयी दिल्ली, 31 जुलाई सस्ते आयातित तेलों की मांग बढ़ने से स्थानीय तेल तिलहन बाजार में शुक्रवार को सोयाबीन डीगम सहित सोयाबीन के अन्य तेलों में सुधार देखा गया। वहीं दूसरी तरफ सहकारी संस्था नाफेड तिलहन उत्पादक किसानों के हित को ध्यान में रखते हुये घटे भाव पर मंडी में सरसों नहीं निकाल रही है। ऐसे में माल की तंगी से सरसों तेल में सुधार का रुख रहा।

बाजार सूत्रों ने कहा कि सस्ते आयातित तेलों की व्यावसायिक मांग बढ़ने के बावजूद मलेशिया में पाम तेल का भारी जमा स्टॉक है तथा आगे भी इसका उत्पादन बढ़ने की संभावना है। इस कारण पाम एवं पामोलीन तेलों के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे लेकिन ‘ब्लेंडिंग’ की मांग बढ़ने से, सस्ते आयातित तेल सोयाबीन डीगम के साथ साथ सोयाबीन के अन्य तेलों के भाव में सुधार देखने को मिला।

यह भी पढ़े | तमिलनाडु: ऑनलाइन क्लासेस के लिए स्मार्टफोन न मिलने पर 10वीं कक्षा के छात्र ने कथित तौर पर की आत्महत्या.

सूत्रों के अनुसार देश में मूंगफली और सोयाबीन की आगामी फसल काफी अच्छी होने की उम्मीद की जा रही है। किसानों के पास भी पहले के मूंगफली और सोयाबीन का काफी स्टॉक बचा हुआ है। ऐसे में सस्ते आयातित तेल के मुकाबले देशी तेल तिलहन उद्योग के समक्ष बाजार में अपनी ऊपज को खपाना एक बड़ी चुनौती होगी। यही वजह है कि तेल विशेषज्ञों और तेल उद्योग के प्रमुख संगठनों ने सरकार से सस्ते आयातित तेलों पर शुल्क बढ़ाने की मांग की है।

सूत्रों ने कहा कि अगस्त में देश के कांडला बंदरगाह पर ही लगभग चार लाख टन सोयाबीन डीगम आने वाली है तो फिर स्थानीय सोयाबीन तेल को कहां खपाया जायेगा। सरकार को इस विरोधाभास को संज्ञान में लेकर संतुलना साधने का उपाय करना चाहिये।

यह भी पढ़े | 7th Pay Commission: कोरोना काल में सरकारी नौकरी पाने का सुनहरा मौका, सैलरी- 62 हजार रुपये प्रतिमाह.

तेल-तिलहन के शुक्रवार को बंद भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)

सरसों तिलहन - 4,860- 4,920 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।

मूंगफली दाना - 4,640 - 4,690 रुपये।

वनस्पति घी- 965 - 1,070 रुपये प्रति टिन।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 12,200 रुपये।

मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 1,830- 1,880 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 10,120 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,595 - 1,735 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,695 - 1,815 रुपये प्रति टिन।

तिल मिल डिलिवरी तेल- 11,000 - 15,000 रुपये।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 9,300 रुपये।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 9,100 रुपये।

सोयाबीन तेल डीगम- 8,200 रुपये।

सीपीओ एक्स-कांडला-7,370 से 7,420 रुपये।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 7,950 रुपये।

पामोलीन आरबीडी दिल्ली- 8,780 रुपये।

पामोलीन कांडला- 8,000 रुपये (बिना जीएसटी के)।

सोयाबीन तिलहन डिलिवरी भाव 3,625- 3,650 लूज में 3,360--3,425 रुपये।

मक्का खल (सरिस्का) - 3,500 रुपये

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 31, 2020 07:41 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).