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जरुरी जानकारी | विदेशी बाजारों में तेजी के बीच सरसों, मूंगफली तेल-तिलहन में सुधार

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जरुरी जानकारी | विदेशी बाजारों में तेजी के बीच सरसों, मूंगफली तेल-तिलहन में सुधार

नयी दिल्ली, 12 मार्च विदेशी बाजारों में तेजी के रुख के बीच देश के तेल-तिलहन बाजारों में बुधवार को सरसों एवं मूंगफली तेल-तिलहन तथा सोयाबीन तिलहन और बिनौला तेल की थोक कीमतों में मजबूती दर्ज हुई। जबकि सोयाबीन तेल, कच्चा पामतेल (सीपीओ) तथा पामोलीन तेल थोक कीमतें पूर्वस्तर पर बंद हुईं।

मलेशिया और शिकॉगो एक्सचेंज में मामूली सुधार चल रहा है।

बाजार के जानकार सूत्रों ने कहा कि सरसों तेल-तिलहन में सुधार का कारण, त्योहारी मांग के साथ-साथ तेल पेराई मिलों की पाइपलाइन का खाली रहना है। पाइपलाइन खाली रहने के कारण पिछले लगभग दो वर्षो से बचा हुआ सरसों का स्टॉक भी लगभग खप चुका है। बड़ी तेल मिलें जानबूझकर सुबह के कारोबार में सरसों के दाम घटाती हैं और शाम तक दाम फिर से सुधरने लगता है। संभवत: इन बड़ी तेल पेराई मिलों की मंशा है कि दाम घटता देख किसान हड़बड़ी में अपनी सरसों बेच दें लेकिन किसान इस चकव्यूह में फंसते दिख नहीं रहे और इसी कारण शाम तक दाम सुधर जा रहा है। बेशक इन मिलों की चाल में जो थोड़े बहुत किसान आ जाते हैं, उससे केवल स्टॉकिस्टों को फायदा हो रहा है। वैसे सरकार को जल्द से जल्द सरसों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद शुरू कर देनी चाहिये।

उन्होंने कहा कि सरकार अगर तेल-तिलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए गंभीर है, तो उसे पहले यह सुनिश्चित करना होगा कि वह कोई ऐसी आयात-निर्यात नीति, आयात शुल्क निर्धारण का काम इस तरह से करे जिससे घरेलू तेल-तिलहन उद्योग को फायदा पहुंचे। दूसरा यह भी सुनिश्चित करना होगा कि किसानों का माल देश के बाजार में खपने की स्थिति बने और किसानों को अपनी उपज का लाभकारी दाम मिले। बाकी उत्पादन बढ़ाने का काम किसान खुद-ब-खुद करते चले जायेंगे।

सूत्रों ने कहा कि मंडियों में कम आवक वाली मूंगफली के सस्ता होने की वजह से मांग बढ़ रही है जिसके कारण मूंगफली तेल-तिलहन के दाम में भी सुधार आया।

उन्होंने कहा कि मंडियों में सोयाबीन तिलहन का भाव पहले ही एमएसपी से लगभग 20 प्रतिशत नीचे है। इससे और कितने सस्ते दाम पर किसान बेचें, इस दुविधा में वे मंडियों में आवक कम ला रहे हैं। इसके अलावा सूरजमुखी और पाम-पामोलीन का दाम महंगा होने से भी सोयाबीन की मांग बढ़ने के कारण सोयाबीन तिलहन कीमतों में सुधार दर्ज हुआ।

सूत्रों ने कहा कि बाजार में कपास नरमा की उपलब्धता कम रहने के बीच इससे निकलने वाले बिनौला सीड (तिलहन) का दाम पिछले एक हफ्ते में 400 रुपये क्विंटल बढ़ा है। अगली कपास फसल के आने में लगभग सात महीने की देर है और अब जो कुछ नरमा बचा है वह मजबूत किसानों के हाथ में है जो पहले की तरह इसके 8,000 रुपये क्विंटल के दाम का इंतजार कर रहे हैं। सूरजमुखी, पाम-पामोलीन से सस्ता होने के बीच त्योहारी मांग के कारण बिनौला तेल के दाम में भी सुधार आया।

उन्होंने कहा कि कमजोर कारोबार और कम आवक की वजह से सोयाबीन तेल के दाम पूर्वस्तर पर रहे और होली के बाद इसमें कारोबार बढ़ने की उम्मीद की जा रही है।

सूत्रों ने कहा कि सीपीओ और पामोलीन के दाम बाकी खाद्य तेलों से काफी अधिक हैं और इसलिए इनकी लिवाली कमजोर है और इनका आयात भी कम हुआ है। जो लोग आयात कर भी रहे हैं, उन्हें अपनी लागत से लगभग पांच रुपये किलो नीचे दाम पर बेचने की मजबूरी हो रही है क्योंकि संभवत: उन्हें बैंकों में अपना साख-पत्र चलाते रहना है। सरकार को यह देखना चाहिये कि ये कौन लोग हैं, जो अपनी लगभग 55 प्रतिशत खाद्य तेलों की जरूरतों को पूरा करने के लिए आयात पर निर्भर इस देश में, लागत से पांच रुपये सस्ते दाम पर आयातित खाद्य तेल बेचने को मजबूर हो रहे हैं। इस स्थिति को समझे बगैर, खाद्य तेल-तिलहन बाजार की असली समस्याओं को सुलझाया नहीं जा सकता।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 6,125-6,225 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 5,625-5,950 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 14,250 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल - 2,215-2,515 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 13,350 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,350-2,450 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,350-2,475 रुपये प्रति टिन।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 13,900 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 13,550 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 9,800 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 13,050 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 13,650 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 14,550 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 13,450 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 4,120-4,170 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 3,820-3,870 रुपये प्रति क्विंटल।

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(The above story first appeared on LatestLY on Mar 12, 2025 09:04 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).