जरुरी जानकारी | मांग बढ़ने से सरसों तेल, तिलहन, सोयाबीन में सुधार, मांग कमजोर पड़ने से सीपीओ, पामोलीन में गिरावट
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में मांग बढ़ने की वजह से सोमवार को सरसों तेल तिलहन के भाव में सुधार दर्ज हुआ। वहीं, सोयाबीन के तेल रहित खल (डीओसी) निर्यात के साथ पाल्ट्री फार्म की स्थानीय मांग के कारण सोयाबीन दाना के भाव में भी सुधार रहा।
नयी दिल्ली, 12 अप्रैल दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में मांग बढ़ने की वजह से सोमवार को सरसों तेल तिलहन के भाव में सुधार दर्ज हुआ। वहीं, सोयाबीन के तेल रहित खल (डीओसी) निर्यात के साथ पाल्ट्री फार्म की स्थानीय मांग के कारण सोयाबीन दाना के भाव में भी सुधार रहा।
कुछ स्थानों पर लॉकडाऊन लगने और इसके लागू होने की आशंकाओं के बीच मांग प्रभावित होने से सीपीओ और पामोलीन तेल के भाव हानि दर्शाते बंद हुए। सामान्य कारोबार के बीच मूंगफली सहित बाकी खाद्यतेल तिलहन के भाव पूर्वस्तर पर बंद हुए।
तेल उद्योग के जानकारों के मुताबिक मंडियों में सरसों की आवक कम है और किसान मंडियों में अपनी ऊपज कम ला रहे हैं। शनिवार को राजधानी के नजफगढ़ मंडी में जहां लगभग 1,200 बोरी सरसों की आवक थी वह घटकर सोमवार को लगभग 500 बोरी रह गई। इस बीच कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण के मामलों के बीच देश में सरसों तेल की मांग बढ़ी है। स्वास्थ्य के लिए लाभप्रद होने के साथ सबसे सस्ता होने के कारण इसमें मिलावट बंद है, जिसकी वजह से इसकी लगातार मांग बढ़ रही है।
तेल उद्योग के जानकारों के अनुसार सोयाबीन खल (डीओसी) की भारी निर्यात मांग है। स्थानीय पाल्ट्री कंपनियों की ओर से भी सोयाबीन डीओसी की भारी मांग है। जिससे सोयाबीन दाना और लूज के भाव में सुधार दिखा जबकि सामान्य कारोबार के बीच सोयाबीन तेलों के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे। मांग बढ़ने से बिनौला तेल में भी 100 रुपये प्रति क्विन्टल बढ़ गया।
दूसरी ओर, विभिन्न स्थानों पर लॉकडाऊन लगाये जाने और इसकी आशंकाओं के बीच वैश्विक स्तर पर ‘हार्ड’ तेल माने जाने वाले सीपीओ और पामोलीन की मांग घटी है। वहीं स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों में सूरजमुखी और मक्का रिफाइंड की मांग बढ़ी है क्योंकि इन तेलों को स्वास्थ्य के लिए बेहतर माना जाता है।
सूत्रों ने कहा कि बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में सूरजमुखी की बिजाई शुरु होने जा रही है और सरकार को प्रोत्साहन देकर इसकी खेती को बढ़ावा देना चहिये ताकि आयात न करना पड़े। इसके अलावा सरकार को आयात शुल्क में कमी किये जाने की अफवाह फैलाने वालों से कड़ाई से निपटना चाहिये।
बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)
सरसों तिलहन - 6,360 - 6,400 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।
मूंगफली दाना - 6,485 - 6,530 रुपये।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 15,900 रुपये।
मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 2,530- 2,590 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 13,200 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 2,070 -2,150 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 2,250 - 2,280 रुपये प्रति टिन।
तिल तेल मिल डिलिवरी - 14,800 - 17,800 रुपये।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 14,350 रुपये।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 14,150 रुपये।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 13,070 रुपये।
सीपीओ एक्स-कांडला- 11,650 रुपये।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 13,600 रुपये।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 13,400 रुपये।
पामोलिन कांडला 12,400 (बिना जीएसटी के)
सोयाबीन दाना 6,900 - 6,950 रुपये: सोयाबीन लूज 6,700 - 6,800 रुपये
मक्का खल 3,700 रुपये।
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 12, 2021 08:43 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

