जरुरी जानकारी | सरसों तेल-तिलहन, सोयाबीन दाना में सुधार,
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. आयातित तेलों के मुकाबले सस्ता होने की वजह से मांग में आई तेजी के कारण स्थानीय तेल तिलहन बाजार में सरसों दाना और सरसों तेल कीमतों में पर्याप्त सुधार आया जबकि विदेशी बाजारों में सोयाखली डी-आयल खली (डीओसी) की मांग बढ़ने के कारण सोयाबीन दाना और सोयाबीन लूज (तिलहन) की कीमतें भी सुधार के साथ बंद हुई।
नयी दिल्ली, 19 दिसंबर आयातित तेलों के मुकाबले सस्ता होने की वजह से मांग में आई तेजी के कारण स्थानीय तेल तिलहन बाजार में सरसों दाना और सरसों तेल कीमतों में पर्याप्त सुधार आया जबकि विदेशी बाजारों में सोयाखली डी-आयल खली (डीओसी) की मांग बढ़ने के कारण सोयाबीन दाना और सोयाबीन लूज (तिलहन) की कीमतें भी सुधार के साथ बंद हुई।
बाजार सूत्रों का कहना है कि आयातित सोयाबीन डीगम से तैयार रिफाइंड तेल और सूरजमुखी रिफाइंड के मुकाबले सरसों तेल सस्ता पड़ने से घरेलू बाजारों में इस तेल की मांग बढ़ती जा रही है और भविष्य में इस तेल की मांग और भी बढ़ने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि मौजूदा आयात शुल्क के हिसाब से वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) सहित आयातित सोयाबीन डीगम को रिफाइंड करने का थोक भाव 126 रुपये किलो बैठता है। जबकि सरसों दादरी का थोक भाव बैठता है 120.50 रुपये किलो।
सूत्रों ने यह भी बताया कि हल्के तेलों में बिनौला तेल का भाव पंजाब पहुंच कर क्रूड सोयाबीन डीगम से भी 10 प्रतिशत सस्ता पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि नाफेड ने शनिवार को सरसों दाना के लिए सारी कम बोलियों को निरस्त कर दिया। नाफेड के पास बहुत कम स्टॉक रह गया है। उधर बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल में सरसों की मांग निरंतर बढ़ रही है जिससे सरसों तेल तिलहन कीमतों में पर्याप्त सुधार आया।
सूत्रों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेजी और सोयाबीन खली की निर्यात मांग बढ़ने के कारण सोयाबीन तिलहन फसलों में सुधार का रुख रहा तथा सोयाबीन दाना और लूज की कीमतें 25-25 रुपये सुधरकर क्रमश: 4,450-4,500 रुपये और 4,325-4,365 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुईं।
सूत्रों ने कहा कि देखा जाये तो सोयाबीन डीगम और पाम तेल की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अधिक मांग नहीं है। लेकिन बेपड़ता होने की वजह से भाव अधिक हैं।
जानकारों का कहना है कि तेल तिलहन मामले में विदेशों पर निर्भरता कम कर के देश में तेल तिलहन की पैदावार बढ़ाने पर ही ध्यान केन्द्रित करना होगा।
तेल-तिलहन बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)
सरसों तिलहन - 6,080 - 6,130 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।
मूंगफली दाना - 5,385- 5,450 रुपये।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 13,500 रुपये।
मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 2,115 - 2,175 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 12,050 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 1,850 -2,000 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 1,970 - 2,080 रुपये प्रति टिन।
तिल मिल डिलिवरी तेल- 11,100 - 15,100 रुपये।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 11,850 रुपये।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 11,550 रुपये।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 10,780 रुपये।
सीपीओ एक्स-कांडला- 9,350 रुपये।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 10,250 रुपये।
पामोलीन आरबीडी, दिल्ली- 10,850 रुपये।
पामोलीन कांडला- 9,950 रुपये (बिना जीएसटी के)।
सोयाबीन तिलहन मिल डिलिवरी भाव 4,450 - 4,500, लूज में 4,325- 4,385 रुपये।
मक्का खल (सरिस्का) - 3,500 रुपये।
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(The above story first appeared on LatestLY on Dec 19, 2020 06:12 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

