देश की खबरें | बहराइच में मुस्लिम सेवादार मंदिर में सेवा कर सांप्रदायिक सद्भाव की मिसाल पेश कर रहे

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. सांप्रदायिक तनाव और भेड़ियों के हमलों के लिए सुर्खियों में रहे उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में सांप्रदायिक सद्भाव की मिसाल देखने को मिल रही है, जहां एक मंदिर में मोहम्मद अली पिछले 18 साल से अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

बहराइच (उप्र), 23 जनवरी सांप्रदायिक तनाव और भेड़ियों के हमलों के लिए सुर्खियों में रहे उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में सांप्रदायिक सद्भाव की मिसाल देखने को मिल रही है, जहां एक मंदिर में मोहम्मद अली पिछले 18 साल से अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

बहराइच जिला मुख्यालय से 27 किलोमीटर दूर जैतापुर बाजार में अली श्री वृद्ध मातेश्वरी माता घूरदेवी मंदिर की देखरेख करते हैं और यह मंदिर अब मुसलमानों के लिए भी अराधना स्थल है।

अली, देवी घूर देवी और भगवान हनुमान की पूजा करने के साथ-साथ रोजा और नमाज अदा भी करते हैं।

अपने बचपन की महत्वपूर्ण घटना को याद करते हुए अली ने कहा, ‘‘जब मैं सात साल का था, तब मुझे ‘ल्यूकोडर्मा’ नामक बीमारी हो गई थी, जिससे मेरी आंखें सफेद हो गई थीं। इलाज से कोई फायदा नहीं हुआ। जब मेरी मां मुझे घूरदेवी मंदिर ले गईं तब जाकर ठीक हुआ।’’

अली ने कहा कि उनका मानना ​​है कि ‘‘पवित्र पिंडी का जल लगाने’’ से यह बीमारी ठीक हुई।

उन्होंने कहा कि उन्होंने 2007 में मंदिर में सक्रिय रूप से सेवा करना शुरू किया, जब उन्हें एक सपना आया जिसमें देवी ने उनसे मंदिर में सेवा करने के लिए कहा।

अली के नेतृत्व में मंदिर में विकास कार्य किए गए। कटाई के मौसम में अनाज संग्रह के माध्यम से धन जुटाने जैसी पहलों के जरिए महत्वपूर्ण संसाधन जुटाए गए।

अली ने ‘पीटीआई-’ को बताया, ‘‘मंदिर के विकास के लिए अकेले इस साल 2.7 लाख रुपये जुटाए गए हैं।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now