एजेंसी न्यूज

मुंबई, कोलकाता, जयपुर, इंदौर और पुणे में कोविड-19 को लेकर हालात ‘‘विशेष रूप से गंभीर’’, केंद्रीय दल दौरा करेंगे: गृह मंत्रालय

गृह मंत्रालय ने इस संबंध में कार्रवाई करते हुए घोषणा की है कि छह अंतर-मंत्रालयीन केंद्रीय दल (आईएमसीटी) महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और राजस्थान के इन चिह्नित स्थानों पर अगले तीन दिन में दौरा करेंगे तथा मौके पर स्थिति का आकलन कर केंद्र को रिपोर्ट देकर उपाय सुझाएंगे।

मुंबई, कोलकाता, जयपुर, इंदौर और पुणे में कोविड-19 को लेकर हालात ‘‘विशेष रूप से गंभीर’’, केंद्रीय दल दौरा करेंगे: गृह मंत्रालय
जमात

नयी दिल्ली, 20 अप्रैल केंद्र सरकार ने कहा है कि कोविड-19 को लेकर मुंबई, पुणे, इंदौर, जयपुर, कोलकाता और पश्चिम बंगाल के कुछ अन्य स्थानों पर हालात ‘‘विशेष रूप से गंभीर’’ हैं और लॉकडाउन के नियमों के उल्लंघन से कोरोना वायरस और फैलने का खतरा है।

गृह मंत्रालय ने इस संबंध में कार्रवाई करते हुए घोषणा की है कि छह अंतर-मंत्रालयीन केंद्रीय दल (आईएमसीटी) महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और राजस्थान के इन चिह्नित स्थानों पर अगले तीन दिन में दौरा करेंगे तथा मौके पर स्थिति का आकलन कर केंद्र को रिपोर्ट देकर उपाय सुझाएंगे।

इन चार राज्यों को रविवार को जारी एक समान आदेशों में गृह मंत्रालय ने कहा कि कोविड-19 से निपटने के लिए अग्रिम मोर्चे पर काम कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों पर हिंसा, सामाजिक दूरी बनाए रखने का पूर्णतया उल्लंघन और शहरी इलाकों में वाहनों की आवाजाही के कई मामले सामने आए हैं जिन्हें रोका जाना चाहिए।

इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि केंद्र सरकार ने किस आधार पर अपने दल तैनात करने की बात कही है, वह अस्पष्ट है।

गृह मंत्रालय ने कहा कि कुछ जिलों में लॉकडाउन के नियमों में कई बार उल्लंघन की खबरें मिली हैं जिससे कोविड-19 के फैलने का गंभीर खतरा है। इन उल्लंघनों में अग्रिम मोर्चे पर काम कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों पर हमले, बैंकों, सरकारी राशन की दुकानों के बाहर तथा बाजारों में सामाजिक दूरी के नियमों का पूरी तरह उल्लंघन, शहरी इलाकों में निजी तथा व्यावसायिक वाहनों की आवाजाही आदि शामिल हैं।

मंत्रालय ने कहा कि अति प्रभावित जिलों में या हॉटस्पॉट के रूप में उभर रहे स्थानों पर अगर इन घटनाओं को होने दिया गया तो ये इन जिलों की आबादी के लिए तथा देश के अन्य हिस्सों में रहने वाले लोगों के लिए गंभीर स्वास्थ्य संबंधी खतरा पैदा कर देंगी।

गृह मंत्रालय ने कहा कि मध्य प्रदेश के इंदौर, महाराष्ट्र के मुंबई एवं पुणे, राजस्थान के जयपुर और पश्चिम बंगाल के कोलकाता, हावड़ा, पूर्वी मेदिनीपुर, उत्तर 24 परगना, दार्जिलिंग, कालिमपोंग तथा जलपाईगुड़ी में हालात ‘‘विशेष रूप से गंभीर’’ हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि देश में कोविड-19 के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 543 हो गई है और इससे संक्रमित लोगों की संख्या 17,265 हो गई है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार महाराष्ट्र में अब तक कोरोना वायरस से 4,203 लोग संक्रमित हुए हैं जिनमें से 223 लोगों की मौत हो गई है। मध्य प्रदेश में संक्रमण के कुल 1,407 मामलों में से 70 लोगों की मौत हो गई है। राजस्थान में संक्रमण के कुल 1,478 मामले सामने आए हैं जिनमें से 14 लोगों की मौत हो गई है और पश्चिम बंगाल में संक्रमण के कुल 339 मामलों में से 12 लोगों की मौत हो गई है।

केंद्र सरकार के फैसले के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया, ‘‘हम कोविड-19 के संकट से निपटने के लिए खासतौर पर केद्र सरकार से समस्त सकारात्मक सहयोग और सुझावों का स्वागत करते हैं। हालांकि केंद्र सरकार जिस आधार पर आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत पश्चिम बंगाल के कुछ जिलों समेत भारत के चुनिंदा जिलों में आईएमसीटी तैनात करने की पेशकश कर रही है, वह स्पष्ट नहीं है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और गृह मंत्री अमित शाह जी से अनुरोध करती हूं कि इसके लिए इस्तेमाल का मानदंड बताएं। अन्यथा मैं चिंतित हूं और हम इस पर आगे नहीं बढ़ पाएंगे क्योंकि बिना वैध कारणों के यह संघवाद की भावना के संगत नहीं हो सकता।’’

केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत राष्ट्रीय कार्यकारी समिति के अध्यक्ष के नाते इन आदेश पर दस्तखत किये हैं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, लेटेस्टली स्टाफ ने इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 20, 2020 06:44 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).