देश की खबरें | एमपीएससी अभ्यर्थी आत्महत्या: भाजपा ने महाराष्ट्र विधान परिषद में मुद्दे को उठाया
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मुंबई, पांच जुलाई महाराष्ट्र विधान परिषद में विपक्ष के नेता प्रवीण दारेकर ने सोमवार को एक एमपीएससी अभ्यर्थी की आत्महत्या पर चिंता व्यक्त की और लोक सेवा आयोग की लंबित परीक्षाओं और योग्य अभ्यर्थियों की नियुक्तियों के मुद्दे पर राज्य सरकार का रुख पूछा।
पुलिस ने बताया कि पुणे के हडपसर में कोविड-19 महामारी के कारण महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग(एमपीएससी) का अंतिम साक्षात्कार नहीं होने के चलते कथित रूप से तनाव में आए 24 वर्षीय स्वप्निल लोनकर ने 30 जून को अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
पुलिस के अनुसार सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा धारक लोनकर ने 2019 में एमपीएससी की प्रारंभिक और मुख्य परीक्षाएं पास कर ली थीं और वह अंतिम साक्षात्कार की प्रतीक्षा कर रहा था। उसने 2020 प्रारंभिक परीक्षा भी पास कर ली थी।
पुलिस ने कहा कि उसके पास से एक सुसाइड नोट मिला था, जिसमें उसने एमपीएससी परीक्षाओं को ''मायाजाल'' बताया था और इन्हें न देने की अपील की।
मानसून सत्र के पहले दिन राज्य विधानपरिषद में इस मुद्दे को उठाते हुए दारेकर ने कहा कि पत्र बहुत कुछ कहता है। उन्होंने कहा, ‘‘लोनकर की आत्महत्या के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार है। यह आत्महत्या नहीं बल्कि राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित हत्या है। इस पर सरकार को गम्भीरता से विचार करना चाहिए।’’
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता ने इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा करने के लिए स्थगन प्रस्ताव लाने की मांग की, लेकिन परिषद के अध्यक्ष ने इस अनुरोध को ठुकरा दिया। दारेकर ने कहा, ‘‘डेढ़ साल हो गए हैं, मुख्य परीक्षा पास करने वाले एमपीएससी अभ्यर्थियों का कोई साक्षात्कार नहीं हुआ है। कुछ को नियुक्तियां मिली हैं, लेकिन उन्हें तैनाती नहीं दी गई है। इन सब के लिए राज्य सरकार का गैर-जिम्मेदार और नकारात्मक रवैया जिम्मेदार है।’’
उन्होंने दावा किया कि लोनकर के माता-पिता ने इस मौत के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा, ‘‘कई एमपीएससी और मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थी अपने साक्षात्कार और नियुक्तियों की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन राज्य सरकार के पास इस मुद्दे पर गौर करने का समय नहीं है।’’
दारेकर ने कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि सरकार इसके बारे में गंभीर नहीं है। आज, राज्य में कई एमपीएससी अभ्यर्थी हैं जो ऐसी ही स्थिति से गुजर रहे हैं। मैं (राज्य संसदीय मामलों के मंत्री) अनिल परब से अनुरोध करना चाहता हूं कि यह सुनिश्चित किया जाये कि इस तरह की आत्महत्या की घटनाएं फिर से न हो।’’ दारेकर ने यह भी मांग की कि राज्य लंबित एमपीएससी परीक्षा आयोजित करे और योग्य उम्मीदवारों को नियुक्ति प्रदान करे।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं इन परीक्षाओं और नियुक्तियों पर राज्य सरकार का रुख जानना चाहता हूं।’’
इस बीच राज्य मंत्री अनिल परब ने कहा कि लोनकर की आत्महत्या ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण’’ थी, और सदन को सूचित किया कि कैबिनेट की बैठक के दौरान इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा होगी। उन्होंने कहा, ‘‘आज शाम उपमुख्यमंत्री ने इस मुद्दे पर बैठक बुलाई है। राज्य सरकार कल सत्र समाप्त होने से पहले इस मुद्दे पर अपना पक्ष रखेगी।’’
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